फेस एप के खिलाफ जामताड़ा के मौलाना ने किया फतवा जारी

– फेस ऐप अल्लाह को पसंद नहीं: मौलाना मोहम्मद इरफान नगर प्रतिनिधि, जामताड़ा जिले में अब फेस एप पर फतवा जारी हो गया है. जामताड़ा के मौलाना मोहम्मद इरफान ने यह फतवा जारी किया है. उन्होंने फेस एप को इस्लाम के खिलाफ बताया है. मुस्लिम धर्मगुरु का कहना है कि फेस एप में जो अपनी […]

– फेस ऐप अल्लाह को पसंद नहीं: मौलाना मोहम्मद इरफान

नगर प्रतिनिधि, जामताड़ा

जिले में अब फेस एप पर फतवा जारी हो गया है. जामताड़ा के मौलाना मोहम्मद इरफान ने यह फतवा जारी किया है. उन्होंने फेस एप को इस्लाम के खिलाफ बताया है. मुस्लिम धर्मगुरु का कहना है कि फेस एप में जो अपनी तस्वीर को बुढ़ा बनाकर फेसबुक में डाल रहे हैं यह अल्लाह के निजाम के खिलाफ है. यह फतवा जारी होने के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने फेसबुक पर अपनी तस्वीरों को बुढ़ा का रूप देना बंद कर दिया है.

इन दिनों फेस एप में अपने तस्वीर को वृद्ध का रूप देने का चलन बन गया है. चाहे वह सेलिब्रिटी हो, राजनेता हो या साधारण जनता. अपने चेहरे को बुढ़ा दिखाकर फेसबुक, व्हाट्सएप में डीपी लगा रहे हैं. पहले लोग अपने चेहरे को स्मार्ट बनाकर फेसबुक में डाला करते थे, लेकिन अब फेस एप ने लोगों के नजरिए को ही बदल दिया है.

अचानक आये इस बदलाव को लेकर मौलानाओं ने फतवा जारी कर दिया है. हाफिज मोहम्मद इरफान ने कहा कि नौजवानों को ऐसी हरकतों से बचना चाहिए. ताकि इस्लाम के कायदे-कानून बने रहे.

वहीं, इस मामले को लेकर बजरंग दल के लोगों का कहना है कि फेस एप एक मनोरंजन का जरिया है और इसे धर्म के चश्‍में से नहीं देखना चाहिए. अनूप राय ने कहा कि मनोरंजन के साधन को मनोरंजन तक ही रहने दें, इसे धार्मिक ना बनाएं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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