फतेहपुर. भू-अर्जन संशोधन व धर्म स्वतंत्र विधेयक को लेकर झामुमो राष्ट्रपति से मिलेंगा तथा विधेयक को निरस्त करने की मांग करेंगे. यह बातें नाला विधायक रवींद्रनाथ महतो ने कही. कहा कि सीएनटी-एसपीटी संशोधन से भी यह विधेयक खतरनाक है. रविवार को झामुमो ने महामहिम राज्यपाल को मांग पत्र सौंपा है. उन्होंने कहा कि भू-अर्जन संशोधन विधेयक मूलवासी-आदिवासी हित में नहीं है
इस विधेयक में गरीब, किसानों की जमीन किसी भी समय किसी भी काम के लिए सरकार अधिग्रहण कर सकती है. जमीन अधिग्रहण करने के लिए सरकार अपने पास अधिकार को ले लेंगे. इस तरह का कानून यहां लागू हो जाता है तो आने वाले दिनों में लोग अपनी जमीन को नहीं बचा पायेंगे. धर्म स्वतंत्र विधेयक के बारे में विधायक ने कहा कि धर्म व्यक्तिगत आस्था का चीज है. जिसको जिस धर्म में रुचि है वे उस धर्म का पालन कर सकते हैं. सरकार जबरन इस विधेयक काे लागू कर रही है. इसकी कोई जरूरत ही नहीं है. इस विधेयक के बाद अब धर्म अपनाने के लिए डीसी से परमिशन लेना होगा.
प्रजातांत्रिक देश में हमलोगों का धर्म का स्वतंत्रता है और अब अपने धर्म को लेकर डीसी, डीएम से पूछ कर निर्णय लेना पड़े तो ये पूर्ण रूप से मौलिक अधिकार का हनन है. इससे साफ-साफ जाहिर हो रहा है कि भारतीय जनता पार्टी धर्म के नाम पर लोगों को बांटने का काम कर रही है. दोनों विधेयक को लेकर झामुमो सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ेगा.
