पहली बारिश के पानी को राेक नहीं पाया चेकडैम

उदासीनता . हाल भूमि संरक्षण विभाग की ओर से करमाटांड़ में जल संचयन योजना का करमाटांड़ प्रखंड के अलग-अलग जगह बना चेकडैम बहा विद्यासागर : करमाटांड़ प्रखंड में भूमि संरक्षण विभाग की ओर से तीन चेकडैम का निर्माण वर्ष 2015-16 किया गया था. यह चेकडैम सावन की पहली बारिश के पानी को रोक नहीं पाया. […]

उदासीनता . हाल भूमि संरक्षण विभाग की ओर से करमाटांड़ में जल संचयन योजना का

करमाटांड़ प्रखंड के अलग-अलग जगह बना चेकडैम बहा
विद्यासागर : करमाटांड़ प्रखंड में भूमि संरक्षण विभाग की ओर से तीन चेकडैम का निर्माण वर्ष 2015-16 किया गया था. यह चेकडैम सावन की पहली बारिश के पानी को रोक नहीं पाया. तीनों का तीनों चेकडैम पानी के बहाव के साथ बह गया. इससे स्थानीय लोगों में विभाग के प्रति आक्रोश है. लोगों ने कहा कि चेकडैम गलत जगह बनाया गया है. इससे किसानों को लाभ नहीं मिलने वाला है. ठेकेदारी प्रथा को चलाने के लिये यह चेकडैम बनाया गया है.
7.90 लाख में बना था चेकडैम
गौरतलब है कि सरकार के पास किसानों के लिए कई योजनाएं है. योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता बरती जाने से इसका लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है. करमाटांड़ में भूमि संरक्षण विभाग द्वारा वर्ष 2015-16 में तीन चेकडैम बनाया गया. प्रत्येक चेकडैम के निर्माण में 7.90 लाख रुपये खर्च किये गये. इसमें बारिश का पानी जमा करने था. तीनो चेकडैम पानी को रोक तो नहीं पाया पर पानी के बहाव के साथ बह गया. चेकडैम के गार्डवाल भी बह गया है. ग्रामीणों ने कहा कि इस चेकडेम में कभी पानी नहीं रूका. जिससे किसानों को लाभ नहीं मिला. यह चेकडैम बारादहा-शहजपुर के बीच जोरिया पर बनाया जा रहा था. बारादहा, सहजपुर तथा नवाडीह में बने चेकडैम टूट गया.
योजना अधूरी, नहीं हुई है पूरी निकासी
भूमि संरक्षण पदाधिकारी सुबोध प्रसाद ने कहा कि प्रत्येक चेकडैम के निर्माण में 7.90 लाख रुपये खर्च होने है. अभी योजनाएं पूर्ण नहीं हो पायी थी. किसी को चार लाख तो किसी को तीन लाख रुपये ही भुगतान किया गया है. विभाग को पचास फीसदी राशि ही मिली थी. शेष राशि नहीं मिलने के कारण ही योजनाएं पूर्ण नहीं हो पायी है. सरकार को इसके लिए कई बार लिखा भी गया, लेकिन राशि नहीं मिली है. वर्ष 2015-16 की योजनाएं थी. विभाग के पास दुमका के कनीय अभियंता प्रतिनियुक्त हैं, जो कार्य को देखते थे. इसके अलावे फील्ड सुपर वाइजार भी कार्य प्रगति की रिपोर्ट लेते थे.
ग्रामीणों ने कहा
योजना बनाने से पहले विभाग को देखना चाहिए कि योजना का लाभ किसानों को मिलेगा या नहीं. इस पर विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया जाता है.
-सफाउद्दीन
योजनाओं के निर्माण में गुणवत्ता का अभाव रहता है. इस कारण ही ऐसी स्थिति देखी जाती है. सरकार की राशि की पूर्ण रूप से लूट के लिए योजनाएं बनायी जाती है. कार्य में कभी जेइ को देखा नहीं गया.
-मकसूद अंसारी
योजनाओं को ठेकेदार एवं विभाग को ज्यादा लाभ मिलता है. चेकडैम बन रहा है तो किसान को कबतक लाभ मिलेगा. कबतक योजनाएं पूर्ण होगी. इस पर ध्यान कम निजी लाभ पर ज्यादा ध्यान रहता है. योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिलता है.-सरफराज अंसारी
चेकडैम निर्माण कार्य घटिया होने के कारण ही पानी में बह गया. विभाग कभी कार्य की गुणवत्ता की जांच नहीं की. योजनाएं हम ग्रामीण किसानों के लाभ के लिए बनायी जाती है, लेकिन उस पर गुणवत्ता का अभाव रहता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >