जामताड़ा : समाहरणालय स्थित सभागार में शनिवार को जनसंवाद व एसबीएम की समीक्षा बैठक उपविकास आयुक्त कुमार मिथिलेश प्रसाद ने किया. इस दौरान जनसंवाद कार्यक्रम के तहत विभिन्न प्रखंडों तथा विभाग के लंबित मामलों पर चर्चा की गई. उपविकास आयुक्त ने जल्द से जल्द लंबित मामले के निष्पादन करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि मंगलवार से पूर्व सभी विभाग के पदाधिकारी जनसंवाद कार्यक्रम के तहत भेजे गये शिकायतों का निपटारा कर उसका जवाब जिला कार्यालय में जमा करें. उन्होंने कार्य में लापरवाही वाले पर कार्रवाई करने की बात कही.
वहीं एसबीएम की समीक्षा बैठक में उपविकास आयुक्त कुमार मिथिलेश प्रसाद ने कहा कि क्षेत्र से आवंटित राशि के विरुद्ध उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं मिल रहा है. कहा : आप लोग अपने यहां से उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करें. नहीं तो प्रखंड के जेई से लेकर मुखिया तक के ऊपर कार्रवाई की जायेगा. वहीं उन्होंने कहा कि वर्ष 2014-15 में जिस पंचायत को ओडीएफ घोषित करना था और आज तक ओडिएफ घोषित नहीं हो पाया है, वैसे पंचायत को चिह्नित करने का निर्देश दिया गया.
साथ ही संबंधित पंचायत के मुखिया और जल साहिया से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया गया. कहा : अगर स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिलता है तो उन लोगों पर मामला दर्ज करें. वहीं उन्होंने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में जिन पंचायत को ओडीएफ घोषित करना है उसे 15 जून तक हर हाल में ओडीएफ घोषित करें. वहीं सभी प्रखंड के बीडीओ को निर्देश दिया गया कि वेस लाइन सर्वे डाटा व एमआइएस कि रिपोर्ट को अपडेट करें.
लक्ष्य के अनुरूप नहीं हो पाया शौचालय निर्माण
पूरे जिला को 80 हजार शौचालय निर्माण कराने का लक्ष्य दिया गया था. लेकिन अब तक मात्र 48 हजार शौचालय बनाया गया. सरकार द्वारा कुल आवंटित राशि 54 करोड़ रुपया. जिसमें अब तक 35 करोड़ का ही उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा किया जा चुका है. जिस पर उपविकास आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त की. कहा कि आप लोगों को कार्य में तेजी लाने की जरूरत है. मौके पर सीएस डॉ मार्शल आइंद, जिला शिक्षा पदाधिकारी नारायण विश्वास, सामाजिक सुरक्षा कोषांग पदाधिकारी अभय कुमार, बीडीओ ज्ञान शंकर जायसवाल, प्रभाकर मिर्धा, पेयजल एवं स्वच्छता कार्यपालक अभियंता साधु शरण, जिला समन्वयक रूबी कुमारी सहित अन्य मौजूद थे.
