जामताड़ा : मिहिजाम नगर परिषद के उपाध्यक्ष को लेकर जारी अंदरूनी लड़ाई थमने का नाम नहीं ले रहा है. मिहिजाम के 14 वार्ड पार्षदों के द्वारा तीसरी बार के अविश्वास प्रस्ताव लाये जाने के बाद इसके अवधि बाधित होने से चुनाव रदद हो गया था. सोमवार को वार्ड सदस्यों द्वारा चौथी बार अविश्वास प्रस्ताव लाया.
इस अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पूरे मिहिजाम में राजनीति चरम पर पहुंच गया है. वार्ड सदस्यों ने कहा कि मिहिजाम नगर परिषद के उपाध्यक्ष के विरुद्ध लगातार तीन बार अविश्वास प्रस्ताव लाया गया. पहली बार 6 जून 2017 को, दूसरी बार 19 सितंबर 2014 एवं तीसरी बार 3 मई 2017 को वार्ड सदस्य द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया. तीन मई 2017 को वार्ड सदस्य द्वारा लाये गये अविश्वास प्रस्ताव को एसडीओ सह कार्यपालक पदाधिकारी को सौंपा था. एसडीओ ने तीन मई को जिला निर्वाची पदाधिकारी सह उपायुक्त को लाये गये अविश्वास प्रस्ताव के पत्र को जमा किया. जिला निर्वाची पदाधिकारी के स्तर से 15 दिन के अंदर मतदान एवं चर्चा कराना था,
लेकिन 28 मई को मतदान के सूचना जारी किया. जिसका मतदान तिथि पांच जून को तय किया गया था. उपाध्यक्ष सलील रमन ने उपायुक्त को आवेदन देकर चैलेंज किया कि अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद 15 दिन में ही चुनाव कराना था, लेकिन आठ दिन के बाद अधिसूचना जारी किया गया था. उपायुक्त रमेश कुमार दूबे के आदेश पर जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने चुनाव को निरस्त कर दिया.
