Jamshedpur news. संविधान की रक्षा हर हाल में करेंगे, जो सीजीपीसी को नहीं मानते, वे सदस्य भी नहीं हो सकते : भगवान सिंह

हाइकोर्ट ने चार सप्ताह में जवाब मांगा है, विवादित आदेश को फिलहाल स्थगित रखा गया है, रद्द नहीं किया : सीजीपीसी

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सीजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह ने साकची गुरुद्वारा के प्रधान पद को लेकर उच्च न्यायालय द्वारा दिये निर्देश का हवाला देते हुए बताया कि सीजीपीसी एवं हरविंदर सिंह मंटू को चार सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया गया. इस मामले को चार सप्ताह के बाद सूचीबद्ध करने को कहा गया है. इस बीच विवादित आदेश को फिलहाल स्थगित रखा गया है, रद्द नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय का यह आदेश पूर्व में तीन वर्षों (2022-2025) के प्रधान निशान सिंह द्वारा की गयी रिट याचिका पर दिया है. निशान सिंह को दोबारा नया प्रधान बनाये जाने अथवा नया प्रधान हरविंदर सिंह मंटू को गुप्त मतदान द्वारा बनाए जाने पर नहीं है. इस पर अभी कोई सुनवाई नहीं हुई है. सीजीपीसी उच्च न्यायालय के आदेश अनुसार इन चार हफ्तों के अंदर अपना पक्ष हाइकोर्ट में रखेगी. उन्होंने कहा कि हमारे लिए सब अपने हैं, कोई पराया नहीं है, परंतु सीजीपीसी के प्रधान होने के नाते सेंट्रल कमेटी के संविधान की हर हालत में रक्षा करेंगे. भगवान सिंह ने कहा कि जो सेंट्रल कमेटी को नहीं मानते, वह सेंट्रल कमेटी के सदस्य नहीं हो सकते. भगवान सिंह ने यह भी कहा कि निशान सिंह के नेतृत्व वाली चुनाव कमेटी ने प्रधान पद के प्रत्याशी सुखविंदर सिंह राजू को बिना विश्वास में लिए स्क्रूटनी तक नहीं कराई और खुद को एक तरफा प्रधान (निशान सिंह) घोषित कर दिया. इसकी शिकायत प्रत्याशी सुखविंदर सिंह राजू ने सीजीपीसी को 11 जून को की है, वह भी अभी लंबित पड़ी हुई है.

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Published by: Pradip chandra keshav

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