Jamshedpur News : वक्फ संशोधन विधेयक झारखंड के आदिवासियों के लिए सुरक्षा कवच : रघुवर दास

Jamshedpur News : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक के दौरान झामुमो-कांग्रेस जैसे दलों का चेहरा बेनकाब हो गया कि वे आदिवासियों के कितने हिमायती हैं.

धर्म परिवर्तन कर जमीन हड़पने-वक्फ घोषित करने लगायेगा रोक

झारखंड का जनजाति समाज झामुमो और कांग्रेस के सांसदों का सामाजिक बहिष्कार करें

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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक के दौरान झामुमो-कांग्रेस जैसे दलों का चेहरा बेनकाब हो गया कि वे आदिवासियों के कितने हिमायती हैं. वक्फ बिल में किये गये कई संशोधन झारखंड के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है. संशोधन बिल के कानून बनने के बाद आदिवासी क्षेत्रों में पांचवीं और छठी अनुसूची के तहत वक्फ संपत्ति घोषित नहीं की जा सकेगी. इस संशोधन से आदिवासी समुदाय की मूल संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों का भी संरक्षण हो सकेगा. लोकसभा में इस संशोधन विधेयक का झामुमो ने विरोध किया और इस बिल के विरोध में मतदान किया. सदन में बिल के दौरान किये गये विरोध के बाद झामुमो का आदिवासी विरोधी चेहरा खुलकर सामने आ गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में सरकार ने आदिवासियों के हित में अपनी जवाबदेही का परिचय दिया. एग्रिको स्थित आवासीय कार्यालय में गुरुवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में रघुवर दास ने कहा कि वे झारखंड के आदिवासी-मूलवासियों से अपील करना चाहते हैं कि सदन में उनके खिलाफ वक्फ संशोधन बिल के तहत साजिश रचने वाले झामुमो-कांग्रेस के सांसदों के चेहरों को अच्छी तरह पहचान लें. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि कांग्रेस के संपर्क में आते ही झामुमो तुष्टीकरण की राजनीति के जाल में पूरी तरह फंस चुका है. झामुमो ने यह साबित भी कर दिया कि आदिवासियों के हितों की रक्षा के लिए समर्पित राजनीतिक दल के रूप में खुद को पेश कर वह आदिवासियों को भ्रमित कर रहा है. झामुमो और हेमंत सोरेन को झारखंड के आदिवासियों को इस बात का जवाब देना चाहिए कि क्या वो चाहते हैं कि आदिवासी क्षेत्र की जमीन को वक्फ को घोषित कर दी जाये. संविधान की 5वीं अनुसूची राष्ट्रपति द्वारा घोषित है, जिसके अंतर्गत आदिवासी की मूल संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों को संरक्षित किया गया है.

अनुसूचित क्षेत्र में वक्फ की संपत्ति का रहना संविधान की मूल भावना के खिलाफ : रघुवर

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में कब्रिस्तान, मजार, मकबरा, मस्जिद एवं दरगाहों इत्यादि का निर्माण एवं विस्तार आदिवासियों की मूल संस्कृति के एकदम विपरीत है. अनुसूचित क्षेत्र में वक्फ की संपत्ति का रहना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है. आदिवासियों के लिए घोषित अनुसूचित क्षेत्र में वक्फ बोर्ड की किसी भी प्रकार की संपत्ति से क्षेत्र की पहचान, संस्कृति और विरासत लगातार कमजोर होती रही है. श्री दास ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने वक्फ (संशोधन) बिल में आदिवासी क्षेत्रों में 5वीं एवं छठी अनुसूची के तहत वक्फ संपत्ति घोषित नहीं जा सकने का प्रावधान कर झारखंड के आदिवासियों के हितों की रक्षा की है. झारखंड में बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन करा कर जमीन हड़प कर उसे वक्फ की संपत्ति घोषित कर दिये जाने पर भी नया बिल रोक लगायेगी.

आदिवासी समाज जागे, नहीं तो…

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मुस्लिम तुष्टीकरण की कोशिशों का ही परिणाम है रांची के पिठोरिया थाना क्षेत्र में सरहुल पूजा की शोभा यात्रा के दौरान घटी घटना, जिसमें पाहन पर हमला किया गया. आदिवासी समाज जागे, हकीकत पहचाने, नहीं तो झामुमो मुस्लिम समुदाय को खुश करने और तुष्टीकरण के लिए आदिवासियों की पहचान, विरासत और संस्कृति खत्म कर देगा. श्री दास ने कहा कि वे झारखंड के जनजाति समाज से अपील करते हैं कि झामुमो और कांग्रेस के जितने भी सांसद हैं, उनका सामाजिक बहिष्कार करें. उनसे पूछें कि आखिर वे क्यों वक्फ (संशोधन) विधेयक में मुसलमानों के पक्ष में खड़े हुए.

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Author: RAJESH SINGH

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