जमशेदपुर : सफर के दौरान अपनी रफ्तार और हाई-टेक सुविधाओं के लिए देश भर में मशहूर वंदे भारत एक्सप्रेस को गुरुवार को एक तकनीकी बाधा का सामना करना पड़ा. रांची से हावड़ा जा रही ट्रेन संख्या 20898 (रांची-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस) की यूनिट में अचानक पार्किंग ब्रेक से जुड़ी समस्या आ गई. इसके चलते दोपहर के वक्त रांची मंडल के एनकेएम स्टेशन पर ट्रेन को एहतियातन रोकना पड़ा. हालांकि, रेलवे के ऑपरेटिंग सिस्टम और तकनीकी विंग की तत्परता से किसी भी बड़े संकट की स्थिति को तुरंत संभाल लिया गया।
एनकेएम स्टेशन पर थमे पहिए
तकनीकी खराबी की जानकारी मिलते ही रेलवे महकमे में हलचल तेज हो गई. सुरक्षा और संरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए ट्रेन को पूरी तरह नियंत्रित और सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया गया और दोपहर 12:49 बजे इसे टाटानगर रेलवे स्टेशन लाया गया. ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही रेलवे के संबंधित विभागों के तमाम बड़े अधिकारी और तकनीकी एक्सपर्ट्स का दल पहले से ही मुस्तैद था, ताकि बिना किसी देरी के समस्या का समाधान किया जा सके.
टाटानगर में हुआ ऑपरेशन 'लोको चेंज'
टाटानगर स्टेशन पर पहुंचते ही युद्ध स्तर पर तकनीकी सुधार का काम शुरू हुआ. ट्रेन में आई खराबी को दूर करने के लिए तत्काल निर्णय लेते हुए इसमें लगे पुराने लोको को पूरी तरह से अलग किया गया और उसकी जगह दूसरे लोको यानी इंजन को जोड़ा गया. इस पूरी प्रक्रिया के दौरान रेलवे अधिकारियों ने खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति का जायजा लिया और यह सुनिश्चित किया कि ट्रेन की तकनीकी जांच में कोई कोताही न बरती जाए.
चंद मिनटों की प्रक्रिया के बाद हावड़ा के लिए फिर दौड़ी ट्रेन
रेलवे की चुस्त कार्यशैली और बेहतरीन टीम वर्क का नतीजा यह रहा कि इंजन बदलने और तमाम जरूरी सुरक्षा जांच को महज कुछ ही मिनटों में पूरा कर लिया गया. दोपहर 13:22 बजे ट्रेन पूरी तरह से परिचालन के लिए तैयार घोषित कर दी गई और इसके ठीक छह मिनट बाद यानी 13:28 बजे वंदे भारत एक्सप्रेस टाटानगर स्टेशन से अपनी आगे की यात्रा यानी हावड़ा के लिए पूरी रफ्तार से रवाना हो गई.
यात्री पूरी तरह सुरक्षित, किसी संपत्ति को नहीं पहुंचा नुकसान
इस पूरी तकनीकी घटना के दौरान राहत की बात यह रही कि ट्रेन में सफर कर रहे किसी भी यात्री को कोई असुविधा या परेशानी नहीं उठानी पड़ी। रेलवे की ओर से स्पष्ट किया गया है कि इस घटना में किसी भी यात्री या रेल संपत्ति को किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हुआ है। समय रहते स्थिति को संभाल लेने के कारण वंदे भारत का यह सफर जल्द ही सामान्य पटरी पर लौट आया।
