झारखंड संयुक्त ट्रेड यूनियन मंच के आह्वान पर मंगलवार को राज्यव्यापी आक्रोश दिवस के तहत शहर में प्रदर्शन किया गया. साकची स्थित बिरसा चौक पर जुटे विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और नये लेबर कोड की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया. कार्यक्रम की अध्यक्षता गुप्तेश्वर सिंह ने की. सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा चारों श्रम कोडों को अधिसूचित करने के फैसले की आलोचना की. नेताओं ने कहा कि ये नये कोड न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा और कार्य के निश्चित घंटों जैसे वैधानिक अधिकारों पर हमला है. सरकार कॉरपोरेट घरानों के हितों के लिए श्रमिकों पर आधुनिक गुलामी थोप रही है. सीटू कोल्हान कमेटी के महासचिव संजय कुमार नाग ने कहा कि यह संघर्ष केवल श्रम अधिकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक अस्तित्व को बचाने की लड़ाई है. इस अवसर पर तिमिर मुखर्जी, पीयूष गुप्ता, संजय कुमार, विनय कुमार, विशाल बर्मन, राजू, केपी सिंह, दीप सेन, यशवंत मौली और श्यामल उपाध्याय आदि उपस्थित थे. मंच ने देश के समस्त कामकाजी वर्ग से इस कानून के खिलाफ एकजुट होने की अपील की.
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