सुंदरनगर क्षेत्र का केरुआडुंगरी पंचायत माहवारी स्वच्छता जागरुकता की दिशा में एक नयी मिसाल बनकर उभरा है. पंचायत के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और निश्चय फाउंडेशन व प्रोजेक्ट बाला जैसी सामाजिक संस्थाओं के सम्मिलित प्रयास से शनिवार को तुरामडीह को पंचायत का पहला मेंस्ट्रुअल वेस्ट फ्री विलेज घोषित किया गया. इस गांव की सभी महिलाएं व किशोरियां अब समाज में व्याप्त रूढ़ियों को तोड़कर पर्यावरण अनुकूल रियूजेबल सैनिटरी पैड का इस्तेमाल कर रही हैं. जिससे उन्हें हर महीने होने वाले खर्च से मुक्ति मिली है और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंच रहा है.पंचायत के मुखिया कान्हू मुर्मू ने बताया कि जल्द ही पंचायत के सभी गांवों को मेंस्ट्रुअल वेस्ट फ्री घोषित किया जायेगा. पैडमैन नाम से चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता तरुण कुमार ने कहा कि ग्रामीण स्तर पर अंधविश्वास और झिझक को दूर करने में पंचायती राज व्यवस्था व जनप्रतिनिधियों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है. इस अवसर पर सहिया साथी शुरुबाली हेंब्रम, सेविका सविता नायक समेत बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण महिलाएं और किशोरियां उपस्थित थीं.