Jamshedpur News : सुरदा पावर ग्रिड का ट्रायल सफल, इसी महीने हो सकता है उद्घाटन

पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला अनुमंडल के इतिहास में जून का महीना एक नया सवेरा लेकर आने वाला है.

घाटशिला-मुसाबनी टाउनशिप समेत डुमरिया को मिलेगी निर्बाध बिजली

हर महीने झारखंड सरकार के बचेंगे आठ करोड़ रुपये

Jamshedpur News :

पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला अनुमंडल के इतिहास में जून का महीना एक नया सवेरा लेकर आने वाला है. नौ सालों के लंबे इंतजार, प्रशासनिक अड़चन, जमीन विवाद और घने जंगलों की चुनौतियों को मात देकर आखिरकार सुरदा पावर ग्रिड (132/33 केवी) धरातल पर उतर चुका है. हाल ही में इस मेगा ग्रिड और इससे जुड़े तीन प्रमुख पावर सब-स्टेशनों (घाटशिला, अमाइनगर और डुमरिया) का ”पावर चार्ज ट्रायल” पूरी तरह सफल रहा. इस सफलता के साथ ही मुसाबनी, घाटशिला टाउन और समूचे डुमरिया क्षेत्र के करीब 35,000 उपभोक्ताओं को चौबीस घंटे निर्बाध बिजली मिलने का रास्ता साफ हो गया है. सब कुछ ठीक रहा, तो इसी महीने मुख्यमंत्री इसका विधिवत उद्घाटन कर सकते हैं.

हर साल राज्य सरकार के बचेंगे ₹96 करोड़

यह ग्रिड सिर्फ घरों को रोशन नहीं करेगा, बल्कि झारखंड सरकार के खजाने को भी बड़ी राहत देगा. घाटशिला अनुमंडल के अलावा हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) जैसी बड़ी औद्योगिक इकाइयों का मासिक बिजली बिल लगभग 8 करोड़ रुपये सीधे डीवीसी को जाता है. जून से यह पूरी राशि झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड यानी राज्य सरकार के खाते में जायेगी. इस तरह सरकार को सालाना करीब 96 करोड़ रुपये के राजस्व का सीधा फायदा होगा.

…और जब फॉरेस्ट क्लीयरेंस ने रोका रास्ता, तो सरकार ने बदला रूट

2017 में सुरदा पावर ग्रिड को मंजूरी मिली थी और 2019 तक इसे पूरा होना था. लेकिन चुनौतियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा था. ग्रिड के लिए 12 एकड़ अड़चनमुक्त जमीन खोजने में ही प्रशासन के पसीने छूट गये. 2021 में जमीन मिली. वहीं, मूल योजना के अनुसार, ग्रिड को बहरागोड़ा से 132/33 हाइटेंशन लाइन से जोड़ा जाना था. वन विभाग से एनओसी नहीं मिलने के कारण प्रोजेक्ट पूरी तरह फंस गया. जब बहरागोड़ा रूट असंभव दिखने लगा, तब राज्य सरकार के निर्देश पर पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ने रूट बदल दिया. ग्रिड के ठीक बगल से गुजर रही जादूगोड़ा-धालभूमगढ़ 132/33 हाइटेंशन मेन लाइन से ””टेपिंग”” (लाइन को बीच से जोड़ना) करने का फैसला लिया गया. यह आइडिया काम कर गया और ग्रिड बिना किसी और देरी के ऊर्जीकृत (चार्ज) हो गया.

सुरक्षा कवच : संकट में काम आयेगा ”डीवीसी का बैकअप”

जेबीवीएनएल की अपनी लाइन चालू होने के बाद भी डीवीसी के कनेक्शन को पूरी तरह काटा नहीं जा रहा है, बल्कि उसे ”स्टैंडबाय” (वैकल्पिक व्यवस्था) पर रखा जायेगा. अगर कभी राज्य सरकार की ग्रिड लाइन में कोई तकनीकी खराबी या ब्रेकडाउन होता है, तो तुरंत डीवीसी की बिजली को बैकअप के रूप में इस्तेमाल कर लिया जायेगा.

वर्जन..

सुरदा पावर ग्रिड का पावर ट्रायल पूरी तरह से सफल रहा है. ग्रिड और सब-स्टेशन अब पूरी क्षमता के साथ काम करने के लिए तैयार है. जैसे ही मुख्यालय से उद्घाटन की तिथि तय होती है, इसे आम जनता की सेवा में समर्पित कर दिया जायेगा.

राजकिशोर, कार्यपालक अभियंता, घाटशिला विद्युत प्रमंडल

मुख्यालय स्तर से सुरदा पावर ग्रिड के जल्द लोकार्पण को लेकर पत्राचार तेज कर दिया गया है. यह ग्रिड इस क्षेत्र की औद्योगिक और घरेलू बिजली जरूरतों के लिए गेम-चेंजर साबित होने जा रहा है.

मलिक यादव, महाप्रबंधक, ट्रांसमिशन, जमशेदपुर एरिया बोर्डB

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: RAJESH SINGH

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >