00 टाटा कमिंस : ओटी और मुफ्त दवा बंद होने से प्लांट में गरमाया माहौल

टाटा कमिंस के कर्मचारियों के बीच शनिवार को ओवर टाइम (ओटी) और टीएमएच स्थित टाटा वन एमजी स्टोर से मिलने वाली नि:शुल्क दवाओं की सुविधा का बंद होने का मामला प्लांट में कर्मचारियों की जुबान पर छाया रहा.

शॉप फ्लोर पर सवालों की बौछार, कमेटी मेंबरों की बढ़ी मुश्किलें

वरीय संवाददाता, जमशेदपुर

टाटा कमिंस के कर्मचारियों के बीच शनिवार को ओवर टाइम (ओटी) और टीएमएच स्थित टाटा वन एमजी स्टोर से मिलने वाली नि:शुल्क दवाओं की सुविधा का बंद होने का मामला प्लांट में कर्मचारियों के बीच छाया रहा. प्लांट में दोनों ही मामले को लेकर कर्मचारियों में अनिश्चितता और असंतोष की स्थिति बनी रही. शनिवार को टाटा कमिंस प्लांट के भीतर कामकाज से ज्यादा इन दो मुद्दों पर चर्चा होती रही. कर्मचारियों ने अपने-अपने विभागों के कमेटी मेंबरों और यूनियन के पदाधिकारियों पर सवालों की बौछार कर दी. स्थिति यह है कि ऑफिस बियररों की तुलना में उन कमेटी मेंबरों को ज्यादा पसीना बहाना पड़ रहा है जो सीधे तौर पर शॉप फ्लोर पर कर्मचारियों के संपर्क में रहते हैं. शनिवार को इन दोनों मामलों ने तूल पकड़ लिया. कर्मचारियों को अंदेशा है कि अब ओटी की राशि केवल बेसिक और डीए पर ही आधारित होगी. जिससे उनकी कमाई पर असर पड़ेगा. टाटा वन एमजी से अचानक नि:शुल्क दवा मिलना बंद होने से कर्मचारियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.

दवा संकट पर विपक्ष हमलावर, सत्ता पक्ष की सफाई

टीएमएच में शनिवार को भी टाटा वन एमजी स्टोर से नि:शुल्क दवा की सुविधा फिलहाल ठप रही. इस मुद्दे को लेकर यूनियन का विपक्षी खेमा सत्ता पक्ष पर लगातार दबाव बनाये हुए है. हालांकि सत्ता पक्ष का दावा है कि यह समस्या केवल परचेज ऑर्डर में देरी की वजह से हुई है और जल्द ही पूर्व की भांति दवाएं नि:शुल्क मिलने लगेंगी, लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि जब तक सुविधा बहाल नहीं होती है. वे इन दलीलों पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं. दोनों मामलों पर अब तक प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है. मालूम हो कि एक दिन पहले यूनियन कार्यालय में दो कमेटी मेंबरों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई थी. प्रबंधन ने नहीं दिया जवाब

इस पूरे मामले पर कंपनी का पक्ष जानने के लिए प्रभात खबर ने टाटा कमिंस के एचआर अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. फिलहाल कंपनी के भीतर अनिश्चितता का माहौल बरकरार है और सभी की निगाहें प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: ASHOK JHA

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >