जमशेदपुर: टाटा स्टील में वेज रिवीजन समझौता को लेकर कर्मचारियों के विरोध के स्वर तेज हो रहे हैं. फिटमेंट स्लिप मिलने के बाद यह नाराजगी बढ़ती नजर आ रही है. अब तक 30 से अधिक कमेटी मेंबर और कर्मचारियों ने वेज रिवीजन से होने वाले नुकसान से यूनियन को अवगत कराया है. लिहाजा, इसे लेकर यूनियन के पदाधिकारियों की बैठक चल रही है. टाटा वर्कर्स यूनियन के सारे 11 पदाधिकारी निशाने पर हैं.
कर्मचारियों और कमेटी मेंबर्स ने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि इस समझौते को लेकर जितने दोषी अध्यक्ष हैं, उतने ही बचे हुए 10 पदाधिकारी भी हैं. इस बीच टाटा वर्कर्स यूनियन की कमेटी मीटिंग बुलाने से अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु और महामंत्री सतीश सिंह बच रहे हैं. कमेटी मीटिंग के पहले फाइनांस कमेटी की मीटिंग होती है.
अब तक नहीं हुई मीटिंग
फाइनांस कमेटी की मीटिंग करीब 15 दिनों पहले हो चुकी है. लेकिन, अब तक कमेटी मीटिंग की घोषणा नहीं की गयी है. वैसे नियम है कि फाइनांस कमेटी की मीटिंग के एक सप्ताह के बाद ही कमेटी मीटिंग बुलायी जाती है. लेकिन, अब तक ऐसा नहीं हुआ है, इस कारण भी कमेटी मेंबर्स में नाराजगी है. एनएस ग्रेड से लेकर स्टील वेज तक के कमेटी मेंबर खुद अपने ही पदाधिकारियों से नाराज हैं.
