जमशेदपुर: टाटा स्टील में इस साल बंपर बोनस होने की उम्मीद है. मंगलवार को बोनस पर वातां शुरू हो गयी. कंपनी के सीएचआरओ जुबिन पालिया के स्तर पर हुई वातों के दौरान कंपनी के मुनाफा, प्रोडक्टिविटी, प्रोफिटेबिलिटी और सेफ्टी पर चर्चा की गयी. यह तय हुआ कि पहले के बोनस फार्मूला के तहत ही समझौता होगा. बोनस को लेकर पांच मानक हैं. इसके तहत कंपनी का शुद्ध लाभ है.
मुनाफे के आधार पर 1.5 फीसदी हिस्सा, प्रोफिटेबिलिटी यानी विक्री योग्य स्टील पर मुनाफर, उत्पादकता (प्रोडक्टिविटी) और सेफ्टी का आधार होता है. अगर मैनेजमेंट उदार हुई, तो इन फॉर्मूला के अतिरिक्त भी पैसे मिलते हैं. कंपनी की ओर से प्रेजेंटेशन में बताया गया है कि कंपनी का मुनाफा ज्यादा हुआ है. कंपनी का विशुद्ध मुनाफा 10,886 करोड़ रुपये रहा है, जबकि पिछले साल 9255.05 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था.
कुल मिलाकर मुनाफा में करीब 1630.95 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है. प्रोफिटेबिलिटी और प्रोडक्टिविटी भी बढ़ी है. यही वजह है कि इस बार ज्यादा बोनस मिलने की उम्मीद जतायी जा रही है. यूनियन को बताया गया कि 25,600 कर्मचारियों के बीच बोनस राशि बंटेगी, इनमें करीब 11 हजार कर्मचारी सिर्फ जमशेदपुर में होंगे. इनमें मेरामंडली प्लांट के कर्मचारी शामिल नहीं हैं.
अनुमान लगाया जा रहा है कि 3 या 4 सितंबर तक बोनस समझौता हो जायेगा, काराण यह कि कंपनी के एमडी सह सीइओ टीवी नरेंद्रन जमशेदपुर में ही हैं और चीफ पीपुल ऑफिसर (सीपीओ) अतई सान्याल भी बाहर से आ रही है. हालांकि, इस बारे में मैनेजमेंट या यूनियन अभी कुछ कहने को तैयार नाहीं है.
इस बार बोनस राशि 350 करोड़ तक जाने की उम्मीद
पिछले साल कर्मचारियों के बोनस के मद में 303.12 करोड़ रुपये की राशि बंटी थी, जिसके तहत कर्मचारियों को बोनस के रूप में अधिकतम 3.92.213. रुपये और न्यूनतम 39004 रुपये मिले थे. इस बार बोनस की राशि 350 करोड़ रुपये तक जा सकती है. कर्मचारियों का अधिकतम बोनस राशि बढ़कर 4 लाख 25 हजार रुपये तक जा सकती है, जबकि औसत बोनस 1.33 लाख रुपये से बढ़कर 1.50 लाख रुपये तक जा सकता है.
