वरीय संवाददाता, जमशेदपुर
टाटा मोटर्स जमशेदपुर प्लांट के 7,321 कर्मचारियों को मिलने वाले लीव ट्रैवल अलाउंस (एलटीए ) के भुगतान की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अब तक कर्मचारियों को साल में एक बार मिलने वाला एलटीए हर महीने वेतन (सैलरी) के साथ जुड़कर मिलेगा. टाटा मोटर्स प्रबंधन ने शुक्रवार को प्लांट परिसर स्थित ''गुरुकुल'' सभागार में आयोजित बैठक के दौरान टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के कमेटी मेंबरों और ऑफिस बियररों को नये लेबर कोड के तहत सैलरी स्ट्रक्चर में हो रहे इस बदलाव से अवगत कराया.
बैठक में प्रबंधन की ओर से एचआर हेड प्रणब कुमार, ईआर हेड सौमिक रॉय, हरेंदर विकास कुमार जबकि यूनियन की ओर से अध्यक्ष, महामंत्री सहित सभी सदस्य मौजूद थे. सालाना 35-36 हजार का एलटीए अब हर महीने की किस्तों में बैठक में प्रबंधन ने अवगत कराया कि इस बदलाव से कर्मचारियों के कुल सालाना वेतन पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा, लेकिन भुगतान का तरीका बदल जायेगा.
पहले की व्यवस्था: अब तक कर्मचारियों को औसतन 35,000 से 36,000 रुपये का एलटीए मई महीने की सैलरी (अप्रैल माह का वेतन) में एकमुश्त एडवांस में दे दिया जाता था.
नयी व्यवस्था: आने वाले समय में (1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होने वाले नियमों के अनुसार) यह पूरी राशि 12 महीनों में विभाजित होकर हर माह की सैलरी स्लिप में जुड़कर आयेगी. पहली किस्त एक अप्रैल 2027 से मिलेगी.
सैलरी स्लिप के 13 कॉलम घटकर होंगे 9, कई भत्तों का हुआ विलय
नये लेबर कोड के मानकों को पूरा करने के लिए सैलरी स्लिप के कई कंपोनेंट्स (भत्तों) को आपस में मर्ज किया जा रहा है. पहले जहां सैलरी स्लिप में लगभग 13 कॉलम होते थे. अब उन्हें समेटकर 9 कॉलम कर दिया गया है.
एचआरए में एलटीए का विलय: एलटीए और पीसीए न्यू को अब एचआरए के दायरे में शामिल किया गया है.
यूनिफॉर्म मेंटेनेंस अलाउंस: चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस और चिल्ड्रन हॉस्टल अलाउंस को मिलाकर अब ''यूनिफॉर्म मेंटेनेंस अलाउंस'' कर दिया गया है.
कन्वेंस अलाउंस: सर्विस अलाउंस और स्पेशल अलाउंस (बीटी ) को ''कन्वेंस अलाउंस'' में मर्ज किया जा रहा है.
बेसिक व डीए: कुल वेतन में बेसिक और डीए का हिस्सा 50% से अधिक होना अनिवार्य है. जिसे पिछले वेज रिवीजन में ही लागू किया जा चुका है. वेरिएबल पे (एचपीईवी ) और क्वालिटी लिंक्ड सैलरी में न्यूनतम सीमा खत्म ऑफिसर्स ग्रेड में 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होने वाले नियमों के तहत पहले बदलाव कर दिया गया हैं.
एचपीईवी (वेरिएबल पे): पहले इसकी सीमा 6,100 रुपये से 15,500 रुपये थी. जो अब न्यूनतम ''शून्य'' (0) से शुरू होगी. क्वालिटी लिंक्ड सैलरी: पहले 300 रुपये से 1,550 रुपये की सीमा थी. इसमें भी अब न्यूनतम सीमा ''शून्य'' होगी.
