TATA Motors जमशेदपुर में समाप्त होगा टेंपरेरी पूल, जानें क्या है प्रक्रिया और कितने दिन लगेंगे

टाटा मोटर्स में पिछले पांच सालों में बोनस के दौरान 1,133 बाइ सिक्स कर्मचारियों को पे-रोल पर बहाल किया गया. इन पांच सालों में सबसे ज्यादा 306 बाई सिक्स कर्मचारी को वर्ष 2018-19 में टाटा मोटर्स में स्थायी किया गया.

टाटा मोटर्स जमशेदपुर प्लांट (Tata Motors Jamshedpur Plant) में टेंपरेरी पूल (Temporary Pool) समाप्त होगा. जमशेदपुर प्लांट में इस वक्त लगभग 3,700 बाइ सिक्स कर्मचारी हैं. ये सभी कंपनी में टेंपरेरी पूल में कार्यरत हैं. कंपनी में प्रोडक्शन बढ़ने पर ही इन कर्मचारियों को ड्यूटी पर बुलाया जाता है. प्रोडक्शन घटने पर कर्मचारियों को अगले आदेश तक के लिए ड्यूटी से हटा दिया जाता है. आर्थिक मंदी के बाद कोरोना काल में सबसे ज्यादा परेशानी टाटा मोटर्स के बाइ सिक्स कर्मचारियों को झेलनी पड़ी.

पांच साल में स्थायी हुए 1,133 बाइ सिक्स कर्मचारी

टाटा मोटर्स (TATA Motors) में पिछले पांच सालों में बोनस के दौरान 1,133 बाइ सिक्स कर्मचारियों को पे-रोल पर बहाल किया गया. इन पांच सालों में सबसे ज्यादा 306 बाई सिक्स कर्मचारी को वर्ष 2018-19 में टाटा मोटर्स में स्थायी किया गया.

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हर साल 300 प्लस बाइ सिक्स का स्थायीकरण

टाटा मोटर्स जमशेदपुर प्लांट में हर साल 300 से अधिक बाइ सिक्स कर्मचारियों का स्थायीकरण करने की प्रक्रिया चल रही है. बाइ सिक्स के नेता बताते हैं कि प्रबंधन की ओर से बाइ सिक्स कर्मचारियों को आश्वासन दिया गया था कि हर साल 300 से ज्यादा बाइ सिक्स कर्मचारियों का स्थायीकरण होगा. ऐसे में सभी कर्मचारियों को कंपनी के पे-रोल पर बहाल होने में 13 साल का समय लग जायेगा. टाटा मोटर्स के कर्मचारी पुत्रों को बाइ सिक्स कर्मचारी कहा जाता है.

तीन साल की ट्रेनिंग के बाद बनते हैं बाइ सिक्स कर्मचारी

बाइ सिक्स कर्मचारी सबसे पहले पीएमएसटी में बहाल होते हैं. यहां ट्रेनिंग की तीन साल की अवधि के बाद कर्मी पुत्र कंपनी में अस्थायी तौर पर बाइ सिक्स कर्मचारी के तौर पर बहाल किये जाते हैं. बाइ सिक्स के बाद कर्मचारी पुत्र अपनी वरीयता क्रम में कंपनी में स्थायी होते हैं.

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स्थायी होने के पहले ही हो जाते हैं रिटायर

टाटा मोटर्स के बाइ सिक्स कर्मचारी बोनस और ग्रेड रिवीजन समझौता के दौरान ज्यादा से ज्यादा स्थायीकरण की आस लगाये रहते हैं. कई कर्मचारी कंपनी में स्थायी होने से पहले ही रिटायर हो जाते हैं.

रिपोर्ट- अशोक झा

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By Mithilesh Jha

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