गालूडीह : पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश के बाद बुधवार को दिन भर बारिश नहीं हुई. हालांकि, मंगलवार रात से बारिश थम गयी है. इससे सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर कुछ हद तक घटा है. लेकिन, अभी भी नदी का जलस्तर ज्यादा ही है. इसलिए अभी भी मछुआरों को नदी में जाने पर रोक है. लेकिन, मछुआरों ने मछली पकड़ने की अनोखी तरकीब खोज निकाली है. मछुआरे डैम के उपर से रस्सी में जाल लगाकर मछली पकड़ रहे हैं. गालूडीह बराज डैम में सुबह से शाम तक अनेक मछुआरे मछली पकड़े देखे जाते हैं. यहां जमशेदपुर समेत कई जगह के व्यापारी मछली खरीदने पहुंचते हैं. इससे स्थानीय मछुआरे मछली पकड़ कर बेचते हैं रोजगार करते हैं.
गालूडीह बराज डैम के खुले हैं 9 गेट
वर्त्तमान में गालूडीह बराज डैम के 9 गेट खुले हैं. नदी के पूर्व दिशा में प्रति सेकेंड 3029 क्यूमेक पानी जा रहा है. ऐसे मंगलवार सुबह से बुधवार दोपहर दो बजे तक गालूडीह बराज डैम का 13 गेट खुला था और नदी में 4172 क्यूमेक पानी जा रहा था. मंगलवार को तो नदी में 5040 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा था. पर बुधवार शाम चार बजे के बाद जल स्तर घटने से चार गेट और बंद कर दिए गये.
नदी के दोनों किनारे में भरा है लबालब पानी
अब नौ गेट खुला है और शाम चार बजे की रिपोर्ट के अनुसार नदी के पूर्व दिशा में डैम से प्रति सेकेंड 3029 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा था. हालांकि अभी नदी का दोनों किनारे लबालब भरा है. गालूडीह से बहरागोड़ा तक नदी उफान पर है. सुवर्णरेखा परियोजना के पदाधिकारियों ने बताया - बारिश थमने पर चांडिल और गाजिया बराज के गेट भी कुछ बंद हुए हैं. इससे नदी का जल स्तर घटा है. इसके कारण है गालूडीह बराज डैम के 18 में से 9 गेट बंद कर दिए गये हैं. अब सिर्फ नौ गेट खुले हैं.
बारिश बंद रहेगी तो कम होगा नदी में पानी का स्तर
गुरूवार तक बारिश रूकी रही तो और गेट बंद होंगे इससे नदी में पानी का स्तर और कम हो जायेगा. इससे तटवर्ती गांवों के लोगों को राहत मिली है. वहीं, बराज डैम में नौ गेट बंद रहने से डैम में स्टोर पानी का क्षमता अब 91.4 मीटर आरएल है. वहीं, कल तक 92 मीटर से अधिक पानी स्टोर था.
