मुश्किलों में पाई कामयाबी! टीवी पत्रकार बनना चाहती हैं ‘आर्ट्स टॉपर नंदिता’

कला संकाय में जमशेदपुर विमेन्स कॉलेज की छात्रा नंदिता हरिपाल ने स्टेट टॉप किया है. अपनी इस उपलब्धि पर नंदिता तो खुश हैं ही, पिता राजेश हरिपाल और माता रश्मि हरिपाल भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं.

जमशेदपुर: झारखंड 12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने शुक्रवार को जारी किया. इस बार कला संकाय में जमशेदपुर विमेन्स कॉलेज की छात्रा नंदिता हरिपाल ने स्टेट टॉप किया है. अपनी इस उपलब्धि पर नंदिता तो खुश हैं ही, पिता राजेश हरिपाल और माता रश्मि हरिपाल भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं.

परीक्षा की तैयारी, भविष्य की योजनाओं, सपनों और झारखंड के प्रति उनकी सोच को लेकर प्रभात खबर संवाददाता सूरज ठाकुर ने स्टेट टॉपर नंदिता से बात की. पेश है बातचीत के मुख्य अंश.

Q. स्टेट टॉपर बनने की बहुत बधाई. टॉपर बनकर कैसा लग हो रहा है?

नंदिता: जी शुक्रिया. बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं. माता-पिता भी काफी खुश हैं. मैंने अच्छे नंबरों से पास होने के बारे में सोचा था. उम्मीद थी कि पूरे स्कूल में अव्वल आउंगी. लेकिन, पूरे झारखंड में टॉप कर जाउंगी ऐसा मैंने नहीं सोचा था. मैं बहुत खुश हैं. सेलिब्रेट कर रही हूं.

Q. आपने परीक्षा के लिये किस तरीके से तैयारी कि और किन सब्जेक्ट्स को ज्यादा समय दिया.

नंदिता: मैं कॉलेज में सारे क्लास अटेंड करती थी. मैंने कभी भी कोई लेक्चर नहीं छोड़ा. कोई डाउट्स थे तो उसे क्लास में ही क्लियर करने की कोशिश की. कॉलेज में जो भी पढ़ाया जाता था उसे घर आकर रिवाइज करती थी. मैंने केवल परीक्षा के समय 8 से 10 घंटे पढाई करने की बजाय प्रतिदिन 3 से 4 घंटे रेगुलर पढ़ने पर फोकस किया. रही बात सब्जेक्ट की तो सबके लिये शेड्यूल बनाया था. चूंकि मैं हिन्दी मीडियम की छात्रा रही हूं, इसलिये मैंने इंग्लिश को थोड़ा ज्यादा वक्त दिया. परीक्षा के दौरान मैंने बीते वर्षों में पूछे गये महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास किया. इससे काफी मदद मिली.

Q. क्या कभी इस बात के लिये मुश्किलों का सामना करना पड़ा कि आप लड़की हैं. कभी किसी ने पढ़ाई से रोका?

नंदिता: नहीं, मैंने कभी भी ऐसा महसूस नहीं किया. माता-पिता ने मुझे प्यार दिया. हमेशा मेरा सहयोग किया. भले ही आर्थिक मुश्किलें रही हों लेकिन उन्होंने कभी भी मुझे ये महसूस नहीं होने दिया. मुझे पढ़ाना अच्छा लगता है. आसपास के बच्चों को पढ़ाती हूं. उससे मिले पैसों से मैं अपनी पढ़ाई से संबंधित छोटे-मोटे खर्चे खुद उठाती थी.

Q. भविष्य की क्या योजना है. आप आगे करियर में क्या करना चाहती हैं?

नंदिता: मेरी रूचि पत्रकारिता में है. मैं टीवी पत्रकार बनना चाहती हूं. स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स बीट में मेरी काफी रूचि है. मैं फिलहाल जमशेदपुर से ही जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन करना चाहती हूं. इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पीजी करने की इच्छा है.

Q. आप कला संकाय की स्टूडेंट हैं. पत्रकारिता करना चाहती हैं. झारखंड को लेकर आपकी क्या सोच है?

नंदिता: जी मुझे लगता है कि झारखंड में अपार संभावनायें हैं. यहां प्राकृतिक खूबसूरती है. खनिज संपदा का भंडार है. यदि इनका सही दिशा में इस्तेमाल किया जाये तो झारखंड काफी विकसित राज्य बन सकता है. यहां पर्यटन के लिहाज से भी विकास की काफी संभावनायें हैं. जरूरत है सही दिशा में काम करने की.

Posted By- Suraj Thakur

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Published by: Surajkumar thakur

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