जमशेदपुर : सोशल मीडिया पर जहां हर दिन हजारों तरह की सामग्री लोगों तक पहुंच रही है, वहीं, शहर की संस्था साहित्यसिंधिका ने युवाओं की कलम और उनकी रचनात्मक सोच को एक अलग मंच देने की पहल शुरू की है. युवा लेखकों और साहित्यप्रेमियों की रचनात्मक प्रतिभा को सामने लाने के उद्देश्य से साहित्यसिंधिका ने ‘शब्द एक, एहसास अनेक’ नाम से नई साहित्यिक पहल शुरू की है. इसकी घोषणा सोमवार को सोशल मीडिया के माध्यम से की गयी है.
एक शब्द, लेकिन हर रचनाकार की कहानी अलग
‘शब्द एक, एहसास अनेक’ की सबसे खास बात यह है कि हर बार प्रतिभागियों को एक शब्द दिया जाएगा. शब्द एक होगा, लेकिन उसे देखने और महसूस करने का नजरिया हर रचनाकार का अपना होगा. कोई उस शब्द को कविता में पिरोएगा, कोई लघुकथा के जरिए अपनी बात कहेगा तो कोई साहित्यिक गद्य के माध्यम से अपनी अनुभूति सामने रखेगा. प्रतिभागियों को एक शब्द दिया जाएगा. अपनी कल्पना, अनुभव, संवेदना और रचनात्मकता के आधार पर उस शब्द को अपने नजरिए से परिभाषित कर सकते हैं. साहित्यसिंधिका को भेजी गयी रचनाओं में से चयनित उत्कृष्ट रचना को उसके आगामी सोशल मीडिया पोस्ट में विशेष रूप से प्रकाशित किया जाता है. यानी किसी युवा लेखक के लिए यह केवल लिखने की चुनौती नहीं, बल्कि अपनी कलम को नए पाठकों तक पहुंचाने का अवसर भी होगा.
कलम का कारवां के बाद एक और पहल
साहित्यसिंधिका इससे पहले ‘कलम का कारवां’ कार्यक्रम का आयोजन कर चुका है. इसमें विभिन्न लेखकों ने अपने लेखन सफर, संघर्ष और साहित्य से जुड़े अनुभव साझा किए थे. कार्यक्रम ने युवा पीढ़ी को यह समझने का अवसर दिया कि साहित्य सिर्फ शब्दों को कागज पर उतारने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुभवों, विचारों और संघर्षों को समाज तक पहुंचाने का सशक्त जरिया भी है. अब ‘शब्द एक, एहसास अनेक’ के माध्यम से साहित्यसिंधिका इस जुड़ाव को सोशल मीडिया के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. इसका फोकस खास तौर पर युवाओं की रचनात्मकता और उनकी अभिव्यक्ति को सामने लाने पर है.
साहित्य से युवाओं का जुड़ाव जरूरी : अंजना
साहित्यसिंधिका की सह-संस्थापक अंजना सिंह ने बताया - आज सोशल मीडिया पर कंटेंट की भरमार है. ऐसे समय में युवाओं को सार्थक लेखन और साहित्य से जोड़ना महत्वपूर्ण है. जब किसी युवा की रचना को मंच मिलता है और उसके विचार दूसरे लोगों तक पहुंचते हैं, तो इससे उसे आगे लिखने की प्रेरणा मिलती है. उन्होंने कहा - साहित्यसिंधिका आने वाले दिनों में हिंदी साहित्य और साहित्यप्रेमियों के लिए कई नई गतिविधियों और कार्यक्रमों की शुरुआत करने की दिशा में काम कर रहा है. कोशिश है कि युवाओं में हिंदी साहित्य के प्रति रुचि बनी रहे और उन्हें अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए लगातार मंच मिलता रहे.
ऐसे भेजें अपनी रचना
‘शब्द एक, एहसास अनेक’ में शामिल होने के लिए प्रतिभागी अपनी मौलिक कविता, लघुकथा या साहित्यिक गद्य-रचना भेज सकते हैं. रचना के साथ अपना नाम, आयु, पता, मोबाइल नंबर और एक तस्वीर ई-मेल पर sahityasindhika@gmail.com पर भेजनी होगी. साहित्यसिंधिका के अनुसार नकल की गयी अथवा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार की गयी रचनाएं स्वीकार नहीं की जाएंगी. पहल का मकसद युवाओं की अपनी आवाज और उनकी मौलिक रचनात्मकता को सामने लाना है.
