घाटशिला : घाटशिला थाना क्षेत्र के अमाईनगर पुलिया पर दो सितंबर की रात में भीषण सड़क हादसे ने अब जनाक्रोश का रूप ले लिया है. मासूम बेटी श्रेया सिन्हा के बाद बुधवार को उसके पिता सुब्रतो सिन्हा (42) की मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने गुरुवार को गोपालपुर स्थित शहीद दिलीप बेसरा चौक के पास सड़क जाम कर दिया है.
सड़क पर शव लेकर बैठ गए परिजन
घाटशिला अनुमंडल अस्पताल से पोस्टमार्टम के बाद शव एंबुलेंस में रखकर लोग सड़क पर बैठ गए. प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. ग्रामीणों ने वी वांट जस्टिस, स्टॉप रैश ड्राइविंग, दोषियों को सजा दो जैसे नारों के साथ प्रदर्शन किया. इस दौरान घाटशिला पुलिस-प्रशासन के खिलाफ भी नाराजगी जताई गयी. प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा.
ये हैं प्रमुख मांगें
आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखीं हैं.
1. पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए, 2. मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी मिले, 3. दो वर्षीय बेटे के भविष्य और पालन-पोषण की जिम्मेदारी सरकार उठाए, 4. मुख्य आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, 5. वाहन मालिक को सामने लाकर इलाज समेत सभी खर्च वहन कराया जाए (एमएसीटी के तहत) इसके अलावा ग्रामीणों ने घाटशिला को नशामुक्त करने, वाहनों की सघन जांच और तेज रफ्तार पर रोक लगाने की भी मांग उठायी.
प्रशासन से मौके पर वार्ता जारी
सड़क जाम की सूचना मिलते ही घाटशिला अंचलाधिकारी निशांत अंबर और थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार मुंडा मौके पर पहुंचे. प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच करीब एक घंटे से वार्ता जारी रही. अधिकारियों ने लोगों को समझाने और उचित कार्रवाई का आश्वासन देने का प्रयास किया.
हादसे ने झकझोरा इलाका
गौरतलब है कि दो सितंबर की रात अमाईनगर पुलिया पर तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से एक ही परिवार के कई सदस्य घायल हो गए थे. पहले 5 वर्षीय श्रेया की मौत हुई और अब उसके पिता सुब्रतो सिन्हा ने भी दम तोड़ दिया. इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते सख्त कार्रवाई और सड़क सुरक्षा के उपाय किए गये होते, तो शायद यह हादसा टल सकता था. अब लोग न्याय और ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं.
