वरीय संवाददाता, जमशेदपुर
कन्वाइ चालकों के लिए डाक विभाग से 15 लाख रुपये की नयी इंश्योरेंस पॉलिसी पर आंदोलनरत चालकों ने आपत्ति जतायी है. चालकों के नेता ज्ञान सागर प्रसाद ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि टाटा मोटर्स के स्थाई कर्मचारियों का बीमा 50 लाख का होता है, तो चालकों के लिए सिर्फ 15 लाख क्यों. इसके अलावा कुल 1700 कन्वाइ चालकों व इंचार्जों में से केवल 550 को ही इसका लाभ देने की बात कही जा रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब टाटा मोटर्स हमेशा चालकों से किसी भी संबंध से इनकार करती रही है, तो कंपनी के डीजीएम डाक विभाग की इस पॉलिसी को कराने में क्यों रुचि ले रही है. गाड़ियां टाटा मोटर्स की हैं, इसलिए चालकों का बीमा भी कंपनी करे. पहले की तरह गाड़ियों का फर्स्ट पार्टी इंश्योरेंस हो और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस बंद किया जाये. उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान तीन प्लांट हेड बदल चुके हैं, लेकिन प्रबंधन ने न्यूनतम मजदूरी, आठ घंटे की ड्यूटी, ओवरटाइम वेतन, सालाना बोनस, पीएफ और बैंक पेमेंट जैसी मांगों पर अब तक कोई पहल नहीं की है. चालकों ने साफ किया है कि मात्र 476 देकर गाड़ियों की डिलीवरी कराने का खेल अब नहीं चलेगा. जब तक प्रबंधन इन मांगों पर जवाब नहीं देता, धरना समाप्त नहीं होगा.
