वरीय संवाददाता, जमशेदपुर
पोटका प्रखंड के उड़िया गांव (लायडीह टोला) के दर्जनों ग्रामीणों ने मंगलवार को अवैध पत्थर उत्खनन और हैवी ब्लास्टिंग के विरोध में उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में शामिल महिला और पुरुष ग्रामीण हाथों में पारंपरिक तीर-धनुष, लाठी-डंडे और मांगों से जुड़ी तख्तियां लेकर पहुंचे थे. इस दौरान ग्रामीणों ने उपायुक्त के नाम ज्ञापन भी सौंपा.
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे परमेश्वर मुर्मू ने बताया कि उनके क्षेत्र में पिछले 20 वर्षों से पत्थर खदान संचालित हो रही है. ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी लीज साइन बोर्ड के अनुसार खनन की अनुमति केवल 10 एकड़ जमीन पर है, लेकिन खदान संचालक नियमों को दरकिनार कर करीब 24 एकड़ क्षेत्र में अवैध रूप से पत्थर उत्खनन कर रहे हैं.
ग्रामीणों ने बताया कि गांव से महज 20 मीटर की दूरी पर तेज क्षमता वाली ब्लास्टिंग की जा रही है, जिससे आसपास के मकानों और लोगों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है. उनका कहना है कि लगातार हो रहे अवैध खनन और ब्लास्टिंग से गांव के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है.
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य और जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा के लिए वे संघर्ष करने को मजबूर हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो खदान से पत्थर की एक ईंट भी बाहर नहीं जाने देंगे.
ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने 24 एकड़ में हो रहे कथित अवैध खनन की निष्पक्ष जांच कराने, लीज शर्तों का उल्लंघन करने और हैवी ब्लास्टिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की. साथ ही ग्रामीणों ने जान-माल और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की.
ग्रामीणों ने कहा कि अगर जिला प्रशासन जल्द कदम नहीं उठाता है, तो वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए चरणबद्ध आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
