संजीव भारद्वाज, जमशेदपुर
Draupadi Murmu: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जमशेदपुर दौरा शुक्रवार को उस वक्त बेहद यादगार बन गया, जब उन्होंने सुरक्षा के कड़े घेरे और प्रोटोकॉल की परवाह न करते हुए बारीडीह की सड़कों पर आम लोगों के बीच कदम रखा. कदमा के मरीन ड्राइव स्थित श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक धर्मार्थ केंद्र के भूमि पूजन के बाद राष्ट्रपति बारीडीह स्थित मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज पहुंची थीं. कार्यक्रम संपन्न होने के बाद जब उनका काफिला कॉलेज परिसर से बाहर निकला, तो सड़क किनारे तिरंगा लिए खड़ी महिलाओं और बच्चों की भारी भीड़ देख उन्होंने अचानक अपना वाहन रुकवा दिया.
सुरक्षाकर्मियों के फूले हाथ-पांव
राष्ट्रपति को अचानक गाड़ी से उतरता देख वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए. सुरक्षा घेरा दरकिनार कर राष्ट्रपति पैदल ही लोगों की ओर चल पड़ीं. उन्होंने भीड़ में मौजूद बच्चों को अपने पास बुलाया और उन्हें चॉकलेट बांटी. राष्ट्रपति ने लगभग 150 कदम तक पैदल चलकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया. एक नन्हीं बच्ची ने बताया कि उसे राष्ट्रपति के हाथों चॉकलेट मिली, जिसे पाकर वह बेहद खुश है. वहीं परविंदर नामक महिला ने भावुक होकर कहा कि वे घंटों से एक झलक पाने का इंतजार कर रही थीं, लेकिन राष्ट्रपति का इस तरह पास आकर आशीर्वाद देना उनके सरल स्वभाव को दर्शाता है.
आदित्यपुर की यादें हुईं ताजा
यह पहली बार नहीं है जब राष्ट्रपति ने जमशेदपुर की सड़कों पर इस तरह का परिचय दिया हो. इससे पहले आदित्यपुर दौरे के दौरान भी उन्होंने अचानक गाड़ी रुकवाकर सड़क किनारे खड़े बच्चों को चॉकलेट बांटी थी. बारीडीह में भी स्थानीय निवासी उदय कुमार सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि देश की प्रथम नागरिक उनके इलाके की सड़क पर इस तरह पैदल चलेंगी.
मेडिकल कॉलेज में छात्रों संग किया संवाद
इससे पूर्व, मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज में आयोजित ‘परिचय सम्मेलन’ में राष्ट्रपति ने मेधावी छात्रों से संवाद किया और विभिन्न सत्रों के टॉपरों के साथ फोटो खिंचवाई. उन्होंने कॉलेज परिसर में पौधारोपण भी किया. कॉलेज प्रबंधन ने इस दौरे को यादगार बनाने के लिए परिसर में ‘द्रौपदी मुर्मू स्पोर्ट्स एंड फूड कैंपस’ विकसित करने की घोषणा की है. राष्ट्रपति का काफिला मरीन ड्राइव, खरकई लिंक रोड और मानगो गोलचक्कर होते हुए भुइयांडीह के रास्ते बारीडीह पहुंचा था, जहां हजारों की संख्या में लोग उनके दीदार के लिए खड़े थे.
ये भी पढ़ें…
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जगन्नाथ मंदिर की रखी आधारशिला, कहा- अब ‘जमशेदपुर बिहारी’ हुए प्रभु
