झारसुगुड़ा: झारसुगुड़ा शहर में सब्जी विक्रेताओं के लिए आज तक प्रशासन स्थायी बाजार की व्यवस्था नहीं कर सका है. मजबूरन विक्रेता शहर के अलग-अलग स्थानों और सड़क किनारे सब्जियां बेच रहे हैं. सड़क किनारे दुकान लगाने पर प्रशासन उन्हें हटा देती है जिससे उनकी आजीविका पर संकट गहरा गया है. सब्जी बेचकर परिवार का पालन-पोषण करने वाले इन छोटे व्यापारियों के प्रति प्रशासन की उदासीनता पर सवाल उठ रहे हैं.
वर्षों पहले शुक्रवार सब्जी हाट बंद होने के बाद जिला प्रशासन ने शहर के तीन स्थानों पर नए बाजार के लिए जमीन चिन्हित करने की बात कही थी. साथ ही वहां विक्रेताओं और ग्राहकों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया था. लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो जमीन चिन्हित हो सकी और न ही स्थायी बाजार की व्यवस्था हो पाई. शहर में पहले मंगलवार और शुक्रवार को नियमित सब्जी हाट लगती थी.
वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान मंगलवार हाट बंद कर दी गई, जबकि रेलवे की जमीन पर लगभग 50 वर्षों से लग रही शुक्रवार हाट को अक्टूबर 2024 में रेलवे ने पूरी तरह बंद कर दिया. इसके बाद कई सब्जी विक्रेताओं की रोजी-रोटी छिन गई और अनेक लोग सड़क किनारे दुकान लगाने को मजबूर हो गए. तेज धूप, बारिश और ठंड की परवाह किए बिना सड़क किनारे बैठकर शहरवासियों की जरूरत पूरी करने वाले सब्जी विक्रेता अब प्रशासन की कार्रवाई का सामना कर रहे हैं.
दूसरी ओर शहर में बढ़ती भीड़ और ट्रैफिक जाम के कारण सड़क किनारे लगे अस्थायी दुकानों पर लगातार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है, जिसका सबसे अधिक असर सब्जी विक्रेताओं पर पड़ रहा है. परिवार का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जरूरतों को पूरा करना इन विक्रेताओं के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. ऐसे में आम लोगों ने प्रशासन से सब्जी विक्रेताओं के लिए स्थायी बाजार बनाकर इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है.
