वरीय संवाददाता,जमशेदपुर
साइबर ठगों ने पहले एक एनजीओ को बड़ी कंपनियों से सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड दिलाने का झांसा दिया. भरोसा जीतने के बाद संस्था के दस्तावेज लेकर उसके नाम पर बैंक में करंट खाता खुलवाया और खाते की पासबुक, चेकबुक व एटीएम कार्ड अपने पास रख लिये. इसके बाद इसी खाते का इस्तेमाल देशभर के लोगों से करीब तीन करोड़ रुपये की साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर कराने में किया गया. मामले का खुलासा होने पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के देवरिया अंतर्गत गौरीबाजार निवासी अमन कुमार सिंह उर्फ रघु को गिरफ्तार किया है. शुक्रवार को मामले का उद्भेदन करते हुए सिटी एसपी ललित मीना ने बताया कि गिरफ्तार अमन कुमार सिंह वर्तमान में आदित्यपुर के हरिओमनगर (रोड नंबर-5) स्थित ओरेंज एम्पायर के पहले तल्ले में रह रहा था. पुलिस ने अमन कुमार सिंह का मोबाइल भी जब्त किया है. पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर उसे आदित्यपुर से दबोचा है. इस मामले में संलिप्त गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.
सीएसआर फंड का लालच देकर संचालिका को लिया झांसे में
पुलिस के अनुसार, अमन कुमार सिंह और उसके एक साथी ने मानगो स्थित 'होम हेल्प फॉर ऑल फाउंडेशन' की संचालिका रीना पांडेय से संपर्क किया था. उन्होंने रीना पांडेय को विश्वास में लिया कि वे उनकी संस्था को बड़ी कंपनियों से सीएसआर फंड दिलवायेंगे, जिससे संस्था सामाजिक कार्यों को और बेहतर ढंग से कर सकेगी. संचालिका ने उन पर भरोसा करते हुए संस्था के तमाम जरूरी कागजात उन्हें सौंप दिये. इन दस्तावेजों के आधार पर बैंक में एक करंट खाता खुलवाया गया. खाता खुलते ही अमन कुमार सिंह ने चालाकी से बैंक पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड अपने पास रख लिया और वहां से उत्तर प्रदेश फरार हो गया.
लखनऊ के होटल में बैठकर पांच दिनों में किया 3 करोड़ का ट्रांजेक्शन
पूछताछ के दौरान आरोपी अमन कुमार सिंह ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. उसने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि एनजीओ का खाता हाथ लगते ही वह अपने पांच दोस्तों के साथ लखनऊ गया. वहां एक होटल में कमरा बुक कर पांच दिनों तक ठहरे. इस दौरान गिरोह ने देश के अलग-अलग राज्यों और हिस्सों के लोगों को अपना निशाना बनाया और कुल तीन करोड़ रुपये की साइबर ठगी कर उसे एनजीओ के इसी करंट खाते में ट्रांसफर कराया.
आदित्यपुर के अधिवक्ता भी पुलिस रडार पर, भेजा गया नोटिस
इस मामले के तार जमशेदपुर और आदित्यपुर के स्थानीय लोगों से भी जुड़े होने की आशंका है. रीना पांडेय ने गत 18 जून को साइबर थाना में आदित्यपुर निवासी अंकित कुमार, अमन कुमार सिंह समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी थी. पुलिस जांच में आदित्यपुर के अधिवक्ता अंकित कुमार की संलिप्तता की बात भी सामने आ रही है. सिटी एसपी ने बताया कि अधिवक्ता की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है और पुलिस की ओर से उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस भी तामिल कराया गया है. पुलिस मामले के हर पहलू को खंगाल रही है, ताकि इस अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके.
मोबाइल खोलेगी राज
इधर, पुलिस इस मामले में गिरफ्तार अमन कुमार सिंह के मोबाइल को खंगाल रही है, ताकि गिरोह के सदस्यों का पता लगाया जा सके. वहीं, गिरोह द्वारा अबतक किन-किन लोगों से साइबर ठगी की गयी है. उसका भी पता लगाया जा सके.
