चंद्रशेखर की रिपोर्ट
Jamshedpur: कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम में अव्यवस्था खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. पूरे अस्पताल में लगी 16 में 12 लिफ्ट खराब हैं. अस्पताल के सर्विस बिल्डिंग में मरीजों और मेडिकल सामानों को लाने-लेजाने के लिए लगी लिफ्ट भी लंबे समय से खराब है. अब बंद लिफ्ट आवारा कुत्तों का आशियाना बन चुका है, वहीं अस्पताल के कर्मचारी दवाओं की भारी पेटी कंधे पर लादकर सीढ़ियों से चढ़ने और उतरने को मजबूर हैं. ओपीडी में इलाज कराने आने वाले बुजुर्ग व गर्भवती महिलाओं को भी लिफ्ट खराब होने के कारण सीढ़ी से आना-जाना पड़ रहा है. पूर्व में कई बार अस्पताल में लिफ्ट खराब होने की शिकायत और बनवाने की मांग की गयी है. लेकिन, अब तक इन्हें नहीं बनवाया गया है.
सीढ़ियों से कई माले चढ़ाई जा रही दवाएं
एमजीएम अस्पताल की सर्विस बिल्डिंग में लगी लिफ्ट काफी दिनों से खराब है. बिल्डिंग में प्रथम तल्ले पर दवाओं का सेंट्रल स्टोर है, जहां से पूरे अस्पताल के लिए दवा सप्लाई की जाती है. लिफ्ट बंद होने के कारण चतुर्थवर्गीय कर्मचारी दवाओं की भारी पेटी कंधों और पीठ पर लादकर सीढ़ियों से आना-जाना करना पड़ रहा है. कर्मचारियों का कहना है कि दिन भर में दर्जनों बार भारी वजन लेकर सीढ़ियां चढ़ने से उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है. साथ ही डर बना रहता है कि कहीं दवा की पेटी गिर नहीं जाये.
अस्पताल में आने वाले गर्भवती व बुजुर्गों को होती है परेशानी
अस्पताल में प्रथम से लेकर सातवें तल्ले तक अलग-अलग विभाग चलता है. सबसे ज्यादा भीड़ मेडिसिन विभाग में होती है. अस्पताल के प्रथम तल्ले में मेडिसिन ओपीडी और चौथे तल्ले में मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाता है. साथ ही गायनिक विभाग के प्रसव केंद्र दूसरे तल्ले में चलता है. लिफ्ट खराब होने के कारण गर्भवती महिलाओं को सीढ़ी से चढ़कर जाने में काफी परेशानी होती है.
क्या कहना है अधीक्षक का
अस्पताल के अधीक्षक डॉ बलराम झा का कहना है कि एमजीएम अस्पताल में लगी सभी लिफ्ट का एग्रीमेंट तीन साल के लिए होगा. इसके लिए फाइल विभाग को भेजी गयी है. एग्रीमेंट होते ही खराब लिफ्ट को बनवा दिया जायेगा.
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