जमशेदपुर : मानगो नगर निगम की बोर्ड मीटिंग में जमकर हंगामा हुआ. इस दौरान मेयर सुधा गुप्ता और विधायक सरयू राय के समर्थक पार्षदों के बीच जमकर हंगामा हुआ. हालात इतना बिगड़ा कि खुद मेयर सुधा गुप्ता मीटिंग स्थल से निकल गयी. हालांकि, कई सारे प्रस्तावों को बोर्ड की मीटिंग में मंजूरी भी दी गयी. इस बैठक में मानगो नगर निगम की मेयर सुधा गुप्ता के अलावा सांसद विद्युत वरण महतो और विधायक सरयू राय भी शामिल थे.
मीटिंग की शुरुआत में एजेंडे पर पार्षदों ने मुहर लगायी, सरयू राय ने जतायी आपत्ति
मीटिंग की शुरुआत होने के साथ ही मीटिंग के एजेंडे को पढ़कर सुनाया गया. कुल 19 प्रस्ताव लाये गये थे. इन सारे प्रस्तावों से अधिकांश मंजूरी दे दी गयी. इसके पहले विधायक सरयू राय ने भी बोर्ड मीटिंग की तैयारी और प्रक्रिया पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि बोर्ड बैठक का एजेंडा नियमानुसार कम से कम 72 घंटे पहले सभी सदस्यों को उपलब्ध कराया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. सरयू राय ने बोर्ड की बैठक नियमित रूप से हर महीने आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने मानगो जलापूर्ति योजना के फेज-2 को लेकर भी सवाल उठाया. उनका कहना था कि फेज-2 पर आगे बढ़ने से पहले फेज-1 की मौजूदा स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए और अधूरे कार्यों को पूरा करने की कार्ययोजना बताई जानी चाहिए.
पार्षदों ने भी एजेंडा को शामिल नहीं करने पर आपत्ति जतायी
बन्ना समर्थक पार्षद ने जब विधायक पर सवाल उठाया तो माहौल गर्माया इस दौरान मौजूद पार्षदों ने भी अपना एजेंडा प्रस्तुत किया. कहा कि एजेंडे में उनके प्रस्तावों को शामिल नहीं किया जाना दुर्भाग्य की बात है. इस मामले को लेकर पार्षदों के नेतृत्वकर्ता राजेश सिंह ने आपत्ति जतानी शुरू की. इसको लेकर अभी सवाल जवाब हो ही रहा था कि मुंशी मोहल्ला के पार्षद मोहम्मद नौशाद ने क्षेत्र की विकास योजनाओं की बदहाली को लेकर विधायक सरयू राय को घेरने की कोशिश की और उनकी ओर इशारा करते हुए जवाब मांगने लगे. इसका लेकर मेयर सुधा गुप्ता के समर्थक और आजादनगर के पार्षद अनवारुल हक उर्फ झुन्ना भड़क उठे. झुन्ना ने कहा कि विधायक से सवाल क्यों पूछ रहे हो, पूछना ही है तो मेयर से सवाल पूछो. इस टिप्पणी के बाद दोनों पक्षों के समर्थक आपस में ही भड़क गये और भिड़ने को उतारु हो गये. बाद में डिप्टी मेयर ने हस्तक्षेप किया. पुलिस के जवानों को बीच बचाव करना पड़ा. करीब 15 मिनट तक हंगामा होता रहा. इसके बाद फिर से सदन की कार्यवाही को शुरू किया गया. इस दौरान कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई, लेकिन बाद में फिर से दोनों ओर से एक दूसरे पर टिका टिप्पणी होने लगी तो फिर मेयर खुद बाहर निकलने लगी.
हंगामा के बाद बाहर निकली मेयर सुधा गुप्ता
यह मीटिंग सुबह करीब 11 बजे से दोपहर एक बजे तक चली. बैठक के दौरान स्थिति उस समय बिगड़ गई, जब पार्षदों के संबोधन के बीच पार्षद नुरुल हक अंसारी समेत कुछ सदस्यों ने विरोध जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया. इसी दौरान मेयर सुधा गुप्ता बैठक से बाहर निकल गईं और अपनी गाड़ी से वहां से चली गईं. मेयर के चले जाने के बाद पार्षदों का विरोध और तेज हो गया. बैठक समाप्त होने के बाद कई पार्षद वन विश्रामागार के पोर्टिको में जुटे और नारेबाजी करते हुए मेयर के खिलाफ नाराजगी जताई. पार्षद राजेश सिंह और उनके समर्थकों ने गेट पर धरना पर बैठ गये और आरोप लगाया कि बोर्ड की बैठक में जनहित से जुड़े ठोस मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय केवल औपचारिकता पूरी की जा रही है. पार्षदों ने यह भी कहा कि करीब चार महीने बाद बोर्ड बैठक बुलाई गई, लेकिन वह भी निर्धारित तरीके से पूरी नहीं हो सकी.
बैठक का यह था एजेंडा :
- मानगो नगर निगम अन्तर्गत आवारा कुत्तों के टीकाकरण व बन्धयाकरण आदि कार्य
- मानगो नगर निगम के लिए नए वेबसाइट का निर्माण कार्य
- मानगो नगर निगम अन्तर्गत खराब पड़े व संचालित विभिन्न वाहनों की मरम्मतिकरण व सर्विसिंग आदि के कार्य हेतु निविदा के माध्यम से एजेंसी का चयन
- मानगो नगर निगम अन्तर्गत अधिष्ठापित स्ट्रीट लाईट का मरम्मतिकरण का कार्य
- मानगो नगर निगम अन्तर्गत जलापूर्ति योजना-फेस-2 के डीपीआर बनाने हेतु चयन का कार्य
- मानगो नगर निगम अन्तर्गत स्ट्रीट लाईट अधिष्ठापन हेतु लाईट लिफ्टर व एसकेवाई लिपटर का क्रय
- मानगो नगर निगम अन्तर्गत कचड़ा निस्तारण हेतु एक अदद् पोकलेन का क्रय
- मानगो नगर निगम अन्तर्गत विद्युत उपकरणों के आवश्यक उपकरणों का क्रय
- मानगो नगर निगम अन्तर्गत डेृएनयूआलएम व डीृजेब एस अन्तर्गत योजनाएं
- मानगो नगर निगम अन्तर्गत डोर टू डोर कचड़ा संग्रहण पूर्व से चयनित क्युब एजेंसी के कार्य हेतु पुनः विचार
- विज्ञापन शुल्क में बढ़ोतरी व वृद्धि करने पर चर्चा
- नगर निकाय अन्तर्गत साफ-सफाई एवं अन्य सभी प्रकार के वाहनों के सूचारू ढंग से रखने हेतु एक वाशिंग सेन्टर बनाने हेतु विचार
- सीटी पीटी एस्पिरेशनल शौचालयों का निर्माण कार्य
- पूर्व से निर्मित सीटी, पीटी, यूरिनल का जीर्णोधार व मरम्मति कार्य
- सार्वजनिक जगहों यथा सब्जी मार्केट या फल मार्केट तथा चिन्हित जगहों पर ऑटोमैटिक कंपोस्टर का क्रय एवं अधिष्ठापन (रख-रखाव सहित)
- विभिन्न वार्डों में आरआरआर सेंटर का अधिष्ठापन
- ट्रांसफर स्टेशन हेतु भूमि का चयन
- विभागीय निदेश के आलोक में आइइसी व सीबी गतिविधयों हेतु अनुमोदन
- दो अदद् हाइवा (10 चक्का) वाहन भाड़े पर रख साफ-सफाई कार्य कराने हेतु
पार्षदों का यह एजेंडा, जिसको मीटिंग में शामिल करने की मांग थी :
- विकास निधि आवंटनः वार्ड पार्षद, महापौर, उपमहापौर एवं प्रशासनिक आपातकालीन निधि का पारदर्शी, न्यायसंगत एवं समानुपातिक वितरण हेतु स्पष्ट नीति निर्धारित की जाए
- आपातकालीन योजनाओं में पारदर्शिताः आपातकालीन निधि से स्वीकृत/संपादित योजनाओं के चयन का आधार स्पष्ट किया जाए तथा इसकी जानकारी संबंधित वार्ड पार्षद को अनिवार्य रूप से दी जाए
- समितियों का गठन व कार्यालय: स्थायी, जोनल एवं वार्ड समितियों का अविलंब गठन हो तथा प्रत्येक वार्ड पार्षद हेतु गरिमापूर्ण कार्यालय, नियमित जनसुनवाई व नागरिक सुविधाओं की व्यवस्था की जाए
- बोर्ड बैठक हेतु कॉन्फ्रेंस हॉल पार्षदों के बैठने की स्थायी व्यवस्था होने तक पारडीह चौक स्थित निगम भवन में कॉन्फ्रेंस हॉल की व्यवस्था किया जाए जिसमें पार्षदगण बैठ सके एवं भविष्य में आगामी बोर्ड बैठकों का आयोजन सुनिश्चित हो. नक्शा स्वीकृति की सूचनाः प्रशासनिक पारदर्शिता हेतु क्षेत्र में भवन निर्माण का नक्शा स्वीकृत होने पर संबंधित वार्ड पार्षद को अनिवार्य रूप से लिखित सूचना प्रेषित की जाए
- नवीन कार्यालय एवं भूमि संरक्षणः नए निगम भवन के निर्माण व संचालन में तेजी लाई जाए तथा निगम की समस्त भूमि का सीमांकन, फेंसिंग व अंचल प्रशासन के समन्वय से अतिक्रमण निष्कासन किया जाए
- सामुदायिक भवनों का उपयोगः निगम के सामुदायिक भवनों को अतिक्रमण मुक्त कराकर आवश्यकतानुसार वार्ड कार्यालय या नागरिक सुविधा केंद्र के रूप में उपयोग में लाया जाए
- शिलापट्ट पर सम्मानजनक नाम अंकन: विकास कार्यों के शिलापट्ट पर संबंधित वार्ड पार्षद का नाम अनिवार्य रूप से अंकित हो तथा अक्षरों का आकार अन्य जनप्रतिनिधियों के समान रखा जाए
- नाला सफाई एवं टेंडर समीक्षा: पूर्व में रद्द 3 वार्डों के सफाई टेंडर की समीक्षा हो. बड़े नालों की मानसूनी व गैर-मानसूनी नियमित सफाई कराई जाए तथा 24 घंटे में गाद का उठाव सुनिश्चित किया जाए. पारदर्शी अटेंडेंस सिस्टम नाला सफाई कार्यों हेतु पारदर्शी अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जाए तथा हाल ही में हुई नालों कीसे सफाई में अपनाए गए अटेंडेंस सिस्टम के आधार का ब्योरा प्रस्तुत किया जाए
- वार्ड सुपरवाइजर की नियुक्तिः विकास एवं सफ़ाई कार्यों की सटीक निगरानी व जवाबदेही तय करने हेतु प्रत्येक वार्ड पार्षद द्वारा अपने वार्ड में एक-एक सुपरवाइजर (निरीक्षक) नियुक्त करने का प्रावधान हो. गुणवत्ता आधारित भुगतान विकास कार्यों का अंतिम भुगतान संबंधित वार्ड पार्षद, उपमहापौर एवं महापौर द्वारा जारी 'कार्य संतोषजनक प्रमाण-पत्र' के आधार पर ही किया जाए.
