जमशेदपुर : कहीं नन्हे कान्हा हाथ में बांसुरी थामे नजर आए, तो कहीं राधा रानी के मनमोहक रूप में सजी बच्चियों ने सबका ध्यान खींच लिया. सिदगोड़ा के बिरसा मुंडा टाउन हॉल में बुधवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का माहौल देखते ही बन रहा था. नन्हे राधा-कृष्ण के आकर्षक रूप और मासूम अदाओं ने दर्शकों के साथ निर्णायकों का भी मन मोह लिया.
बाल राधा-कृष्ण सजाओ प्रतियोगिता का ऑडिशन
सूर्य मंदिर समिति के तत्वावधान में बिरसा मुंडा टाउन हॉल, सिदगोड़ा में तीन दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का बुधवार को शुभारंभ हुआ. महोत्सव के पहले दिन बाल राधा-कृष्ण सजाओ प्रतियोगिता का ऑडिशन आयोजित किया गया. शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से 150 से अधिक नन्हे प्रतिभागियों ने इसमें हिस्सा लिया.
किसी ने थामी बांसुरी, कोई बनी राधा रानी
ऑडिशन में बच्चों ने राधा-कृष्ण के अलग-अलग मनमोहक रूप धारण कर अपनी प्रतिभा दिखाई. नन्हे बालकृष्ण पारंपरिक वेशभूषा में बांसुरी बजाते नजर आए, तो बच्चियों ने आकर्षक परिधान के साथ राधा रानी का रूप धारण किया. बच्चों की मासूम मुस्कान, आकर्षक वेशभूषा और शानदार प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान खींचा. कई प्रतिभागियों ने अपने रूप और प्रस्तुति के जरिए निर्णायकों को प्रभावित करने की कोशिश की.
150 में से 25 प्रतिभागी फाइनल में पहुंचे
प्रतियोगिता में बच्चों की प्रस्तुति, वेशभूषा और राधा-कृष्ण के रूप को ध्यान में रखते हुए निर्णायकों ने 25 प्रतिभागियों का चयन फाइनल के लिए किया. चयनित प्रतिभागी चार सितंबर को आयोजित होने वाले फाइनल में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री और सूर्य मंदिर समिति के मुख्य संरक्षक रघुवर दास ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, संस्कार और जीवन मूल्यों का उत्सव है. ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का अवसर मिलता है. प्रतियोगिता की निर्णायक सोनाली चटर्जी, डॉ. रम्यता प्रफुल्ल और ए. सागर रहे. कार्यक्रम का संचालन गुंजन यादव ने किया.
मौके पर ये थे मौजूद
मौके पर सूर्य मंदिर समिति के संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह, अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, अखिलेश चौधरी, अमरजीत सिंह राजा, शैलेश गुप्ता, सुशांत पांडा, कंचन दत्ता, शशिकांत सिंह, बंटी अग्रवाल समेत समिति के अन्य सदस्य मौजूद थे.
