jamshedpur news जोहार नाइट ग्रैंड फिनाले : संगीत व नृत्यकला का अनूठा संगम
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-बिष्टुपुर गोपाल मैदान. राष्ट्रीय मागे महोत्सव में 11 राज्यों ने कलाकाराें ने लिया हिस्सा
-जोहार नाइट ग्रैंड फिनाले में डांस, ग्लैमर और एंटरटेनमेंट का धमाका
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बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में रविवार की शाम मनोरंजन के एक नये शिखर पर पहुंच गयी जहां राष्ट्रीय मागे महोत्सव के तहत ””””जोहार नाइट ग्रैंड फिनाले”””” का भव्य आयोजन किया गया. इस ग्रैंड फिनाले में देशभर से चयनित होकर आयीं 16 बेस्ट डांस टीमों ने अपनी शानदार प्रस्तुति से दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया. हर टीम ने अपने अनोखे अंदाज व बेहतर तालमेल से वहां मौजूद हजारों दर्शकों का दिल जीत लिया. कार्यक्रम के दौरान डांस और मस्ती के साथ-साथ ग्लैमर का तड़का तब और बढ़ गया जब सतरंगी रोशनी से नहाये मंच पर क्षेत्रीय फिल्मी सितारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी और अपनी थिरकन से पूरे माहौल को जादुई बना दिया. लाइफ@जमशेदपुर की रिपोर्ट
हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है आदिवासी समाज: मधु कोड़ा
जोहार नाइट ग्रैंड फिनाले में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा एवं विशिष्ट अतिथि पूर्व सांसद गीता कोड़ा, पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, खरसावां के विधायक दशरथ गगराई, जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय मौजूद थे. मौके पर मुख्य अतिथि मधु कोड़ा ने कहा कि आदिवासी समाज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है. आदिवासी समाज प्रकृति को रक्षा करने के साथ साथ सामाजिक रीति रिवाज व धरोहरों को भी बचाने का काम कर रहा है. आदिवासी समाज को अभी भी धार्मिक पहचान नहीं मिली है. लेकिन समाज की सामाजिक गतिविधियों को देखते हुए लगता है कि बहुत ही जल्द आदिवासी समाज को उनका धार्मिक पहचान भी मिल जायेगा. आदिवासी समाज अपनी एकता और अखंडता को बनाए रखें
देशभर की प्रतिभाओं की रही भागीदारी
जोहार नाइट ग्रेंड फिनाले में प्रतिभागियों को परखने के लिए जज के रूप में प्रसिद्ध डांस रियलिटी शो की विजेता स्नेहा चक्रवर्ती मौजूद थीं. उन्होंने अपनी पारखी नजरों से हर प्रदर्शन का मूल्यांकन किया. इस ग्रैंड फिनाले में ग्लैमर, संगीत और बेहतरीन नृत्य कला का अनूठा संगम शहर के कला प्रेमियों को देखने को मिला. ग्रैंड फिनाले में खड़गपुर, जमशेदपुर, गुमला, धनबाद, आगरा, दिल्ली, बिहार और मुंबई जैसे शहरों से प्रतिभागी शामिल हुए. कोल्हान क्षेत्र सहित दूर-दराज से हजारों लोग इस कार्यक्रम को देखने के लिए पहुंचे थे.
पारंपरिक मागे गीत-संगीत से गूंजा शहर
बिष्टुपुर गोपाल मैदान रविवार को भव्य आदिवासी पारंपरिक सांस्कृतिक उत्सव का गवाह बना. जोहार ट्रस्ट ने राष्ट्रीय मागे महोत्सव के माध्यम से आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को सामने लाने और उसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का काम किया. 11 राज्यों से आयीं आदिवासी कलाकारों की मागे सुसुन की सांस्कृतिक रंगीन झलकियां देखने को मिली. लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और आधुनिक प्रस्तुतियों के साथ मंच पर एक शानदार संगम नजर आया. कलाकारों ने अपनी अपने नृत्य कला के माध्यम से आदिवासी संस्कृति की गहराई और विविधता को दर्शाया.
लोगों ने ट्राइबल फूड का भी उठाया लुत्फ
गोपाल मैदान में ट्राइबल फूड के कई स्टॉल भी लगे थे. जो इस महोत्सव को और भी खास बना रहे थे. यहां दर्शक न केवल कार्यक्रम का आनंद लिया बल्कि आदिवासी पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी चखा. वहीं दर्शकों ने पारंपरिक परिधान, देसी जड़ी-बूटियां और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की भी खरीदारी की.
इन 16 टीमों दिया परफॉर्मेस
साक्षी दोलाई व प्रदीप मुरा (पश्चिम बंगाल), एस मुशाफिर्स व ए-ट्वीन्स (खड़गपुर), टीम स्पार्टंस (गुमला), जीरोज क्रू (धनबाद), ड्रीम टीम (आगरा), रोहित एंड रोशन व सीडीएस क्रू (जमशेदपुर), सिया, स्टार स्टेपर्स व मनीषा बेलीबम (दिल्ली), नेक्सस क्रू (बिहार) और कुमकुम (मुंबई).
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