जमशेदपुर : खनिज संशोधन विधेयक को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है. झामुमो ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है. पार्टी का कहना है कि अगर विधेयक वापस नहीं लिया गया तो राज्य से खनिजों का परिवहन रोक दिया जाएगा. इस मुद्दे को लेकर झामुमो अब सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन की तैयारी में जुट गया है.
खनिज और जमीन पर झारखंड के अधिकार का उठाया सवाल
बिष्टुपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी ने कहा कि जब खनिज, जमीन और प्राकृतिक संसाधन झारखंड के हैं तो उनसे जुड़े फैसले दिल्ली में क्यों लिए जा रहे हैं. उन्होंने इसे राज्य के अधिकारों पर सीधा हमला बताया. कुणाल षाडंगी ने आरोप लगाया कि खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक को लोकसभा में विधिवत मतदान के बजाय ध्वनि मत से पारित कराया गया. उन्होंने कहा - यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है और झामुमो इसका हर स्तर पर विरोध करेगा.
मंइयां सम्मान योजना को प्रभावित करने की साजिश का आरोप
कुणाल षाडंगी ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य को आर्थिक रूप से कमजोर करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में चल रही सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है. झामुमो ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि केंद्र सरकार ने विधेयक वापस नहीं लिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. पार्टी ने चेतावनी दी है कि राज्य से खनिजों का परिवहन पूरी तरह से रोक दिया जाएगा और इसके लिए व्यापक जन आंदोलन चलाया जाएगा. पार्टी ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा. साथ ही, झारखंड की खनिज संपदा और राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा.
