Jamshedpur News : बालू संकट की आशंका, केवल पांच स्टॉकिस्ट को लाइसेंस; दूसरे राज्य से आपूर्ति पर रोक

पूर्वी सिंहभूम जिले में एक बार फिर बालू संकट गहराने की आशंका है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशानुसार 10 जून से 15 अक्तूबर तक नदियों से बालू उत्खनन पर रोक लागू होने के साथ जिले के सभी बालू घाटों पर खनन गतिविधियां बंद हो गयी हैं.

Jamshedpur News :

पूर्वी सिंहभूम जिले में एक बार फिर बालू संकट गहराने की आशंका है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशानुसार 10 जून से 15 अक्तूबर तक नदियों से बालू उत्खनन पर रोक लागू होने के साथ जिले के सभी बालू घाटों पर खनन गतिविधियां बंद हो गयी हैं. ऐसे में अगले चार माह तक निर्माण कार्य पहले से उपलब्ध स्टॉक और सीमित आपूर्ति पर निर्भर रहेंगे.प्रतिबंध लागू होने से पहले ही बाजार में बालू की कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत मिलने लगे हैं. कई क्षेत्रों में निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूली जा रही है, जबकि कारोबारियों ने बड़े पैमाने पर भंडारण शुरू कर दिया है. जिले में अब तक केवल पांच स्टॉकिस्टों को ही बालू भंडारण का लाइसेंस मिला है. वहीं, पश्चिम बंगाल, ओडिशा समेत अन्य राज्यों से बालू की आपूर्ति पर भी रोक लगा दी गयी है.गौरतलब है कि सात वर्षों से चले आ रहे बालू संकट के बाद मई 2026 में कोरिया-मोहनपाल एवं स्वर्णरेखा नदी के दो घाटों से बालू उठाव शुरू हुआ था. झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद से स्वीकृति मिलने के बाद 85.40 हेक्टेयर क्षेत्र में उत्खनन की अनुमति दी गयी थी, लेकिन करीब 10 दिन बाद ही मौसमी प्रतिबंध लागू हो गया.

क्या कहते हैं अधिकारी

जिला खनन पदाधिकारी सतीश कुमार नायक ने बताया कि अभी बालू के उठाव पर रोक लगी है. अक्तूबर तक यह स्थिति रहेगी. इसके बाद फिर से बालू का उठाव हो सकेगा. दूसरे राज्य से बालू के आने पर उन्हाेंने कार्रवाई की बात कही है.

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लेखक के बारे में

By Rajesh singh

राजेश कुमार सिंह, 19 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे है. कटिहार जिला के मनिहारी अनुमंडल से प्रिंट के साथ डिजिटल में तीन वर्षों से कार्य कर रहे हैं. राजनीति, समाजिक क्षेत्र में गहरी रूचि रखते हैं.

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