रेल डीजी ने लूट के मामले को मारपीट में बदलने के मामले में की कार्रवाई
jamshedpur news :
टाटानगर रेलवे स्टेशन के पास हुई लूट की घटना को दबाने के आरोप में टाटानगर जीआरपी में तैनात दो सब इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. झारखंड रेल पुलिस के डीजी अनिल पाल्टा के निर्देश पर सब इंस्पेक्टर जीतराम उरांव और कमलेश राम के खिलाफ यह कार्रवाई की गई. दोनों अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने लूट की गंभीर घटना को मामूली मारपीट का मामला बनाकर आरोपियों को बचाने की कोशिश की. उच्चस्तरीय जांच में खुलासा हुआ कि केस की धाराओं में हेरफेर की गयी और अनुसंधान सही तरीके से नहीं किया गया. जांच के दौरान यह भी पाया गया कि केस डायरी और जांच की दिशा को जानबूझकर कमजोर किया गया, ताकि आरोपियों को कड़ी सजा से बचाया जा सके.रेल डीजी द्वारा लंबित मामलों और उनकी प्रगति की समीक्षा के दौरान यह मामला सामने आया. विस्तृत समीक्षा के बाद दोनों अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पायी गयी, जिसके आधार पर तत्काल निलंबन का आदेश जारी किया गया. उल्लेखनीय है कि जीतराम उरांव पूर्व में टाटानगर जीआरपी प्रभारी के रूप में भी कार्य कर चुके हैं. मामले में विभागीय कार्रवाई जारी है.
