jamshedpur news : देश में कला, खेल और कौशल को जोड़कर लागू होगी नयी शिक्षा नीति : धर्मेंद्र प्रधान

प्रभात खबर से खास बातचीत में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने साझा की कार्य योजना

प्रभात खबर से खास बातचीत में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने साझा की कार्य योजना

कहा- हर जिले में खोला जायेगा 500 बेड का गर्ल्स हॉस्टल

jamshedpur news :

देश में स्कूली शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और रोजगारपरक बनाने के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों कला, खेल और कौशल को जोड़कर नयी शिक्षा नीति लागू की जायेगी, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके. इसके साथ केंद्र सरकार ने योजना बनायी है कि अब हर जिले में 500 बेड का गर्ल्स हॉस्टल बनाया जायेगा, ताकि हर बच्ची को शिक्षित बनाया जा सके. सभी जिले में इसका संचालन राज्य सरकार के माध्यम से किया जायेगा. बजट में यह प्रावधान किया गया है. उक्त बातें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को जमशेदपुर के दौरे से लौटने के दौरान टाटानगर रेलवे स्टेशन के वीआइपी लाउंज में प्रभात खबर से खास बातचीत में कहीं. उन्होंने बेबाकी से शिक्षा में होने वाले बदलावों के बारे में जानकारी दी.

छठी से 12वीं तक चरणबद्ध लागू होगी व्यवस्था

प्रधान ने बताया कि नेशनल एजुकेशन प्रोग्राम (एनइपी) के तहत नयी व्यवस्था की अनुशंसा की गयी है. इसकी शुरुआत कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई में की जायेगी. इसके बाद इसे नौवीं-10वीं और फिर 11वीं-12वीं तक क्रमशः विस्तारित किया जायेगा. गणित और विज्ञान जैसे विषयों के साथ विद्यार्थियों को कला एवं कौशल शिक्षा में भी दक्ष बनाया जायेगा.

‘वन इंडिया, वन एजुकेशन’ व्यावहारिक नहीं

उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में “वन इंडिया, वन एजुकेशन” की अवधारणा लागू करना संभव नहीं है. देश में लगभग 15 लाख स्कूल और 25 करोड़ विद्यार्थी हैं. विभिन्न राज्यों की भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता के कारण एक समान पाठ्यक्रम लागू करना व्यावहारिक नहीं है.

अधिकांश राज्य तैयार, कुछ राजनीति के कारण पीछे

नयी शिक्षा नीति को लेकर उन्होंने कहा कि अधिकांश राज्यों ने इसे स्वीकार कर लिया है, जबकि कुछ राज्य राजनीतिक कारणों से इसे लागू नहीं कर रहे हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि देर-सवेर सभी राज्यों में यह नीति लागू होगी.

झारखंड में खुलेंगे नये पीएम श्री स्कूल

झारखंड के संदर्भ में मंत्री ने बताया कि राज्य में नये पीएम श्री स्कूल खोले जायेंगे. अभी कई जगहों पर यह संचालित भी हो रहा है. इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा फंड उपलब्ध कराया जा रहा है. साथ ही, मध्याह्न भोजन योजना का कोटा बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक बच्चे शिक्षा से जुड़ सकें.

एनसीइआरटी प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का होगा पालन

सुप्रीम कोर्ट द्वारा एनसीइआरटी की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में की गयी आपत्तिजनक टिप्पणियों पर सख्त रुख अपनाये जाने के बाद प्रधान ने कहा कि सरकार न्यायपालिका का पूर्ण सम्मान करती है. संबंधित पुस्तकों को वापस लेने और मामले की जांच के निर्देश दिये गये हैं. जो भी व्यक्ति विवादित चैप्टर को बनवाने में संलग्न हैं, उन पर कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में शैक्षणिक सामग्री के प्रकाशन से पहले समीक्षा प्रक्रिया और सुदृढ़ की जायेगी.

विकसित जिलों में खुलेंगे नये आइआइएम, एनआइटी और आइआइटी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश के लगभग राज्यों में आइआइएम, एनआइटी और आइआइटी खोले जा चुके हैं. अब देश के नये विकसित जिलों में नये आइआइएम, एनआइटी और आइआइटी स्थापित किये जायेंगे, ताकि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सके.

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Author: AKHILESH KUMAR

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