jamshedpur news : 36 वर्ष का हुआ पूर्वी सिंहभूम, उद्योग-खनिज-संस्कृति से बनी विशिष्ट पहचान
पूर्वी सिंहभूम जिला शुक्रवार को अपनी स्थापना की 36वीं वर्षगांठ मना रहा है.
जिला स्थापना दिवस विशेष
jamshedpur news :
पूर्वी सिंहभूम जिला शुक्रवार को अपनी स्थापना की 36वीं वर्षगांठ मना रहा है. 16 जनवरी 1990 को पुराने अविभाजित सिंहभूम जिले से नौ प्रखंडों को अलग कर पूर्वी सिंहभूम जिला (अब 12 अंचल, 11 ब्लॉक, 4 निकाय) का गठन किया गया था. आज यह जिला अपनी खनिज संपदा, विश्वस्तरीय उद्योगों और समृद्ध भाषाई-सांस्कृतिक विविधता के कारण राज्य में विशिष्ट स्थान रखता है. आजादी से पूर्व यह क्षेत्र मानभूम जिला और धालभूम रियासत का हिस्सा था. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शेरों की अधिकता के कारण इसे ‘शेरों की भूमि’ कहा गया, जो आगे चलकर सिंहभूम कहलाया. जिला मुख्यालय जमशेदपुर को बनाया गया, जो देश का पहला नियोजित औद्योगिक शहर है. यहां टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टिनप्लेट, कमिंस और टीआरएफ जैसे उद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं.जादूगोड़ा और नरवापहाड़ की यूरेनियम खदानें तथा घाटशिला का मऊभंडार तांबा रिफाइनरी देश की ऊर्जा जरूरतों में अहम भूमिका निभाते हैं. शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी जिला अग्रणी है. जिले की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 6 विधानसभा क्षेत्र (बहरागोड़ा, घाटशिला, पोटका, जुगसलाई, जमशेदपुर पूर्व और पश्चिम) हैं, जो राज्य की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाते हैं.
हालांकि शहरी क्षेत्रों में उल्लेखनीय विकास हुआ है, लेकिन कई ग्रामीण इलाकों में अब भी मूलभूत सुविधाओं की कमी है. अधिकारियों (एडीसी, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर, एनइपी निदेशक, धालभूम एसडीओ समेत अन्य पद) से लेकर कर्मचारियों की भारी कमी के कारण कई कार्य प्रभावित हैं.जिले के उद्देश्यों को ईमानदारी से पूरा करेंगे
जिले के सृजन के उद्देश्य को पूरी ईमानदारी से पूरा किया जायेगा और विकास व जनहित से जुड़े कार्यों को जवाबदेही के साथ धरातल पर उतारा जायेगा.– कर्ण सत्यार्थी, उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूमB
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