-18 मई 2017 को बच्चा चोरी की अफवाह में उग्र भीड़ ने चार लोगों की कर दी थी हत्या
-हाइकोर्ट से चार साजयाफ्ता को मिल चुकी है जमानत
jamshedpur news :
झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय और जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की संयुक्त खंडपीठ ने मंगलवार को बागबेड़ा नागाडीह हत्याकांड में जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे मुख्य आरोपी व तत्कालीन मुखिया राजाराम हांसदा की अपील जमानत याचिका खारिज कर दी. अदालत ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर राहत देने से इनकार किया.दरअसल, 18 मई 2017 को बच्चा चोरी की अफवाह में बागबेड़ा के नागाडीह गांव में उग्र भीड़ ने विकास कुमार वर्मा, गौतम कुमार वर्मा (दोनों भाई) और विकास के दोस्त गाढ़ाबासा निवासी गंगेश की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी. इसमें विकास की दादी रामसखी देवी भी बुरी तरह घायल हो गयी थी. टीएमएच में इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गयी. घटना के दूसरे दिन यानी 19 मई 2017 को मृतक के भाई उत्तम वर्मा के बयान पर बागबेड़ा थाना में 16 नामजद समेत 300 अज्ञात के विरुद्ध केस (थाना कांड संख्या 91/2017) दर्ज किया गया था. इस मामले में एडीजे-1 अदालत ने 25 सितंबर 2025 को राजाराम हांसदा, गोपाल हांसदा, दारा मंडल, सुनील सरदार व रेंगो पूर्ति को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. इनमें राजाराम हांसदा को छोड़कर शेष चार साजयाफ्ता को हाइकोर्ट से अपील जमानत मिल चुकी है.
