जमशेदपुर के प्रशांत सिन्हा की हजारीबाग में हत्या, नया प्रेमी मिलने पर पुराने ब्वॉयफ्रैंड को मार डाला

जमशेदपुर के एक दिव्यांग बैडमिंटन खिलाड़ी की उसकी प्रेमिका ने अपने नए प्रेमी के साथ मिलकर हत्या कर दी. प्रेमिका उसे घुमाने के बहाने हजारीबाग ले गई थी.

जमशेदपुर के बिरसानगर निवासी दिव्यांग अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी प्रशांत सिन्हा की हजारीबाग में लव ट्रैंगल में हत्या कर दी गयी है. प्रेमिका ने अपने नये प्रेमी के साथ मिलकर पुराने ब्वॉयफ्रैंड प्रशांत सिन्हा की हत्या कर दी. दोनों ने साक्ष्य छुपाने के लिए शव को हजारीबाग के छड़वा डैम में फेंक दिया. 20 दिन बाद शनिवार को प्रेमिका के निशानदेही के बाद सड़ी हुई हालात में हजारीबाग पुलिस ने शव बरामद किया है.

इंटरनेशनल बैडमिंटन खिलाड़ी था प्रशांत सिन्हा

शव की पहचान बिरसानगर दिव्यांग अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी प्रशांत सिन्हा के रूप में की गयी है. इस घटना में पुलिस ने काजल सिन्हा और उसके नये प्रेमी रौनक को गिरफ्तार कर लिया है.

  • हजारीबाग में बिरसानगर के प्रशांत सिन्हा का शव बरामद, प्रेमिका और उसका नया प्रेमी गिरफ्तार
  • हत्या के बाद शव को दो प्लास्टिक के बोरे में बंद कर छड़वा पुल के पास फेंका गया
  • नया प्रेमी बनने पर लड़की ने कर दी थी बातचीत बंद, प्रशांत ने वीडियो वायरल करने की दी थी धमकी
  • लड़की की निशानदेही पर ही शव की हुई खोजबीन, पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव

कुछ दिन से लड़की ने बंद कर दी थी प्रशांत से बातचीत

पुलिस के अनुसार कुछ दिन से लड़की ने प्रशांत के साथ बातचीत बंद कर दी थी. तभी प्रशांत ने वीडियो वायरल करने की धमकी दी थी. जमशेदपुर पुलिस ने प्रशांत की बहन के बयान पर अपहरण का मामला दर्ज किया था, जिसके बाद उसका विज्ञापन भी प्रकाशित कराया था.

फेसबुक पर 2019 में हुई थी दोस्ती, दोनों थे स्वजातीय

हजारीबाग जिला के पेलावल ओपी प्रभारी शाहीना प्रवीण ने बताया कि काजल की दोस्ती प्रशांत के साथ फेसबुक के माध्यम से 2019 में हुई थी. दोनों स्वजातीय थे. दोस्ती के बाद वे एक-दूसरे से कई बार मिले भी. प्रशांत ने काजल को रोजगार के लिए कुछ आर्थिक मदद भी की थी.

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एक साल पहले काजल की हो गई रौनक से दोस्ती

एक साल पहले काजल की दोस्ती हजारीबाग के पैगोड़ा चौक निवासी रौनक से हो गयी. जो हजारीबाग कल्लू चौक में खटाल चलाता है. थाना प्रभारी ने बताया कि रौनक और काजल ने प्रशांत को रास्ते से हटाने की योजना बनायी.

घुमाने के बहाने प्रशांत को हजारीबाग ले गई काजल

प्रशांत को घुमाने के बहाने काजल हजारीबाग ले आयी. उसके बाद प्रशांत को अपने नये प्रेमी रौनक के खटाल में ले गई. खटाल में ही काजल व रौनक मिलकर प्रशांत की हत्या कर दी. इसके बाद शव को एक बोरे में बंद करके स्कूटी से छड़वा डैम के कीचड़ में फेंक दिया.

कैसे हुआ खुलासा

बिरसानगर के प्रशांत कुमार सिन्हा (38) पिता शैलेश कुमार 11 मार्च से लापता था. 13 मार्च को बिरसानगर थाना में प्रशांत की गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया. 22 मार्च को प्रशांत की बहन ने धारा 364 के तहत बिरसानगर थाना में हत्या के लिए अपहरण का मामला दर्ज कराया.

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काजल सिन्हा को पुलिस ने बनाया नामजद आरोपी

इस मामले में काजल सिन्हा पिता धनंजय सिन्हा न्यू एरिया थाना लोहसिंघना को नामजद आरोपी बनाया गया. मामले की छानबीन में जमशेदपुर और हजारीबाग की पुलिस मिलकर तहकीकात कर रही थी. आरोपी काजल से तीन दिन पहले हजारीबाग पुलिस पूछताछ के लिए उसके घर न्यू एरिया पहुंची थी, लेकिन काजल पुलिस को आते देख फरार हो गयी.

29 मार्च को पुलिस ने रौनक को किया गिरफ्तार

उसके बाद फिर से पुलिस ने 29 मार्च को रौनक के खटाल से उसे गिरफ्तार किया. इसके बाद काजल की निशानदेही के बाद शव को बरामद किया गया. इस मामले की जानकारी हजारीबाग पुलिस ने जमशेदपुर पुलिस को दी, जिसके बाद प्रशांत के परिजन हजारीबाग के लिए रवाना हो गये.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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