इंडियन सुपर लीग के 12 क्लबों ने 2026-27 सीजन में हिस्सा लेने के लिए अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) को 55 लाख रुपए की पहली किस्त 20 जुलाई की तय समय सीमा से पहले जमा कर दी है. वहीं, जमशेदपुर फुटबॉल क्लब (जेएफसी) ने अभी तक यह रकम जमा नहीं की है. ऐसे में टीम के अगले सीजन में खेलने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.
जेएफसी ने एआइएफएफ को 60 पन्नों का लेटर भेजकर नई व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए हैं. क्लब का कहना है कि 2025-26 सीजन का संचालन एआइएफएफ ने किया था लेकिन 2026-27 सीजन के लिए एक नई कंपनी बनाई जा रही है. ऐसे में यह कंपनी लीग का संचालन कैसे करेगी और क्लबों का पैसा सुरक्षित रहेगा या नहीं इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? हर क्लब को लीग में खेलने के लिए कुल ₹1 करोड़ जमा करने हैं.
टाटा स्टील बोर्ड की बैठक में होगा फैसला
टाटा स्टील के स्वामित्व वाले जमशेदपुर एफसी को नई कंपनी के तहत लीग में खेलने के लिए अपने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से मंजूरी लेनी होगी. 29 जुलाई को होने वाली टाटा स्टील की तिमाही बैठक में इस पर फैसला लिया जाएगा. इसी बैठक में यह भी तय होगा कि टीम नई व्यवस्था के तहत 2026-27 आइएसएल सीजन में खेलेगी या नहीं.
