जमशेदपुर: युवा कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं. पुलिस जांच के अनुसार निखार सबलोक की हत्या के पीछे गणेश सिंह से उनकी बढ़ती नजदीकी एक बड़ा कारण बनी.
हाल के दिनों में निखार गणेश सिंह के काफी करीबी हो गये थे और सोनारी, सिदगोड़ा व चांडिल में गणेश सिंह से जुड़े जमीन के काम में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे थे. सोशल मीडिया पर भी दोनों की नजदीकी सामने आने लगी थी. इसी वजह से निखार विरोधी गैंग की नजर में आ गये थे.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि देहरादून में 13 फरवरी को गैंगस्टर अखिलेश सिंह के कथित गुरु विक्रम शर्मा की हत्या में गणेश सिंह के गुर्गों की संलिप्तता सामने आयी थी. पुलिस के अनुसार इस घटना के बाद भी जवाबी कार्रवाई नहीं होने से गणेश सिंह के गिरोह के सदस्य शहर में जमीन के कारोबार में सक्रिय हो गये थे. विक्रम शर्मा हत्याकांड में शूटर अब तक गिरफ्तार नहीं किये जा सके हैं और देहरादून पुलिस ने आरोपियों पर दो-दो लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है. पुलिस जांच के मुताबिक विक्रम शर्मा की हत्या का बदला लेना अखिलेश सिंह गिरोह के लिए चुनौती बना हुआ था.
राघव के मोबाइल में मिली निखार की तस्वीर
गिरफ्तार आरोपी अशोक सिंह राघव के मोबाइल फोन से पुलिस को निखार सबलोक की तस्वीर मिली है. यही तस्वीर शूटरों के मोबाइल फोन से भी बरामद हुई है. पुलिस के लिए यह जांच में अहम साक्ष्य माना जा रहा है.
इसके अलावा पुलिस को प्रमोद सिंह को 15 हजार रुपये ट्रांसफर किये जाने के भी साक्ष्य मिले हैं. जांच के अनुसार निखार की हत्या की योजना बनने के बाद अशोक सिंह राघव अपने साथियों के साथ कोलकाता चला गया था, ताकि पुलिस की नजरों से बच सके. वहीं अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू के रांची भागने की बात भी जांच में सामने आयी है.
शूटरों को जमशेदपुर भेजने की तैयारी
पुलिस के अनुसार निखार की निगरानी के लिए पहले से ही लोगों को लगाया गया था. शूटरों को जमशेदपुर भेजने और उनकी मदद के लिए भी स्थानीय स्तर पर व्यवस्था की गयी थी. जांच में प्रमोद सिंह को 15 हजार रुपये दिये जाने के साक्ष्य मिलने की बात सामने आयी है.
19 अगस्त को जमशेदपुर पहुंचे थे दो शूटर
पुलिस जांच के अनुसार निखार की हत्या की पहली कोशिश 19 अगस्त को की जानी थी. सुलतानपुर निवासी प्रमोद सिंह 19 अगस्त को उत्तर प्रदेश के ही दो शूटर अभिमन्यु यादव और राजकुमार सिंह उर्फ प्रिंस को लेकर जमशेदपुर पहुंचा था. टाटानगर स्टेशन से सभी सोनारी पहुंचे, जहां उन्होंने ठहरकर निखार की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की.
जांच के मुताबिक शूटर हथियारों से लैस थे और उन्होंने कदमा स्थित निखार के घर के अलावा सीएच एरिया और कदमा-सोनारी लिंक रोड पर भी निखार को निशाना बनाने की कोशिश की. निखार के मॉर्निंग वॉक पर जाने के दौरान भी हमला करने का प्रयास किया गया. 19 से 22 अगस्त के बीच कई बार कोशिश के बावजूद शूटर निखार की हत्या करने में सफल नहीं हो सके. इसके बाद वे वापस लौट गये.
इसके बाद शहर पहुंचे शिबू और अंकित
पुलिस के अनुसार इसके बाद सुलतानपुर निवासी शातिर अपराधी शिबू सिंह और अंकित सिंह खुद जमशेदपुर पहुंचे. इस दौरान रितेश सिंह, सुनील रजक, सुशील केराई और सिंटू सिंह के अन्य साथी निखार की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे.
वारदात के दिन सुनील लाल रंग की आई-10 कार से सोनारी पहुंचा और शिबू तथा अंकित को हाईवे की ओर ले गया. दोनों पहले एक होटल में रुके और निखार के बारे में जानकारी ली. वहां निखार के नहीं मिलने के बाद सभी टेथ माइल स्टोन होटल पहुंचे. पुलिस के अनुसार शिबू और अंकित होटल के अंदर गये, जबकि सुनील कार में उनका इंतजार करता रहा.
वारदात के बाद भागे आरोपी
पुलिस जांच के अनुसार वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी रांची की ओर भागे. कार सुनील चला रहा था. पूरे घटनाक्रम की जांच में पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, तस्वीरों और लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों को अहम मान रही है.
मुख्य आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर
निखार सबलोक हत्याकांड में मुख्य आरोपी शिबू सिंह अब तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है. पुलिस उसकी तलाश में जुटी है. वहीं गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और मोबाइल फोन से मिले साक्ष्यों के आधार पर हत्याकांड की पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.
