जमशेदपुर : दक्षिण-पूर्व रेलवे के यात्री लेटलतीफी से परेशान हैं. चांडिल के पास ट्रेनों के फंसने की सबसे ज्यादा शिकायतें आती है, लेकिन इससे लोगों को निजात मिल जायेगी, आद्रा मंडल के तहत चांडिल से मधुकुंडा के बीच तीसरी रेल लाइन बिछाने का काम जल्द शुरू होगा. रेलवे प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट के लिए 613.997 करोड़ रुपये (लगभग 614 करोड़ रुपये) का टेंडर जारी किया है. यह परियोजना चांडिल से दामोदर आसनसोल के बीच बनने वाले विस्तृत तीसरी लाइन कॉरिडोर का प्रमुख हिस्सा है. इस महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (इपीसी) मोड में पूरा किया जायेगा.
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्य पूरा करने के लिए, 36 महीने (तीन साल) की समय-सीमा तय की गयी है. 09 अक्तूबर से बोली लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी. 23 अक्तूबर की दोपहर 12 बजे तक बोली लगायी जा सकती है. प्री-बिड कॉन्फ्रेंस 16 सितंबर की दोपहर 12 बजे होगा. वहीं, इसके इएमडी की राशि 12.28 करोड़ रखी गयी है. ओपन बिडिंग सिस्टम टू पैकेट सिस्टम के जरिये टेंडर की प्रक्रिया अपनायी जायेगी.
ये कार्य कराये जायेंगे
प्रोजेक्ट के तहत सिविल और ट्रैक कार्य होगा. अर्थवर्क, ब्लैकटिंग, छोटे-बड़े पुलों का निर्माण, ब्रिज फाउंडेशन, एबटमेंट्स, रिटेनिंग वॉल्स और लेवल क्रॉसिंग वर्क होगा. सिग्नलिंग एंड टेलीकम्युनिकेशन का काम होगा. इंडोर व आउटडोर एसएंडटी कार्य, कलर लाइट सिग्नलिंग, सिग्नल पोस्ट्स, एपेरेटस केसेस, रिले रैक्स, डेटा लॉगर और टेलीफोन इंफ्रास्ट्रक्चर का काम किया जायेगा.
इसके अलावा इलेक्ट्रिकल एवं ओएचइ वर्क के तहत जनरल इलेक्ट्रिकल वर्क, ट्रैक्शन व पावर सप्लाइ के लिए 2 गुना 25 केवी ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) की स्थापना, टेस्टिंग और कमीशनिंग होगी. इसके अलावा यूटिलिटी शिफ्टिंग और एसएंडटी लेवल क्रॉसिंग गेट्स से जुड़े कार्य हो सकेगा.
तीसरी लाइन बनने से होंगे ये लाभ
दक्षिण-पूर्व रेलवे का चांडिल मधुकुंडा व्यस्त रेल मार्ग है. इस रूट पर तीसरी लाइन बन जाने से ट्रेनों के परिचालन में तेजी आयेगी, मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की क्षमता बढ़ेगी और चांडिल-आसनसोल रूट पर रेल कनेक्टिविटी पहले से अधिक मजबूत होगी.
