पटमदा : मंगलवार को पटमदा सीओ डॉ राजेंद्र कुमार दास के कार्यालय में सुनील राम आधा दर्जन मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे. यहां सीओ और कर्मियों के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है. सुनील राम के साथ आए मानवाधिकार कार्यकर्ताओं 10 मिनट तक अंचल कार्यालय में जमकर हो हंगामा किया. बरदास्त नहीं होने पर सीओ कार्यालय से बाहर निकल गए.
सार्वजनिक रास्ते पर जबरन गड्ढा खोदकर पंसोखा बनाया जा रहा था
सीओ ने कहा - पटमदा ब्लॉक कॉलोनी के सार्वजनिक रास्ते पर सुनील राम द्वारा जबरन गड्ढा खोदकर पंसोखा बनाए जाने का ग्राम प्रधान के नेतृत्व में स्थानीय ग्रामीणों ने लिखित विरोध किया था. 7 जुलाई 2026 को ग्राम प्रधान बृंदावन दास के नेतृत्व में ग्रामीणों ने अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम, अंचल कार्यालय पटमदा और थाना को लिखित आवेदन देकर सार्वजनिक रास्ते को मुक्त करने की मांग की थी.
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं संग अंचल कार्यालय पहुंचे सुनील
सीओ ने कहा - अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम के निर्देश के आलोक में स्थल निरीक्षण किया गया था. निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक रास्ते पर गड्ढा पाए जाने के बाद सुनील राम को भरने का निर्देश दिया गया. दो महीने बीत जाने के बावजूद गड्ढा नहीं भरे जाने पर सीओ ने दोबारा सुनील राम को रास्ते पर बने गड्ढे को भरने का निर्देश दिया, ताकि किसी प्रकार की जान-माल की क्षति न हो. इसके विरोध में मंगलवार को सुनील राम कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के साथ अंचल कार्यालय पहुंचे, जहां अंचलाधिकारी एवं कर्मियों के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया.
सुनील राम का क्या है पक्ष
सुनील राम का कहना है कि जमीन हमने खरीद कर रास्ता बनाया है. इसमें पानी निकासी के लिए गड्ढा खोदा गया है. उन्होंने अपने जमीन पर गड्ढा बनाए जाने को उचित ठहराया. उन्होंने कहा - सीओ कुछ लोगों के बहकावे में आकर उन्हें दबाने का प्रयास कर रहा है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सार्वजनिक आवागमन वाले रास्ते पर बने गड्ढे को शीघ्र भरवाया जाए तथा भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना अथवा जान-माल की क्षति न हो, इसके लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाय.
