गालूडीह: घाटशिला प्रखंड क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से खेत पानी से लबालब हो गये हैं. बारिश के बाद किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. खासकर वैसे किसान, जो पर्याप्त पानी के अभाव में अब तक धान की रोपनी नहीं कर पाए थे, उन्हें काफी राहत मिली है. खेतों में पानी जमा होने के बाद किसान फिर से धान की रोपनी में जुट गये हैं. बारिश से खेतों में नमी और पानी की पर्याप्त उपलब्धता होने के कारण धान की रोपनी के लिए अनुकूल स्थिति बन गयी है.
लगातार बारिश से पहले किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे और धान की रोपनी को लेकर निराश थे. अब अच्छी बारिश होने से उनकी उम्मीदें फिर से बढ़ गई हैं. बारिश के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में किसान खेतों की तैयारी और धान रोपनी के काम में तेजी से जुट गए हैं. किसानों को उम्मीद है कि मौसम का साथ मिलने से इस वर्ष धान की अच्छी पैदावार होगी.
किसानों के लिए बारिश फायदेमंद: डॉ सीमा सिंह
कृषि विज्ञान केंद्र दारिसाई की वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ. सीमा सिंह ने बताया कि पिछले दो दिनों से हो रही बारिश धान की रोपनी के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी. जिन किसानों के खेतों में पानी की कमी के कारण रोपनी का काम रुका हुआ था, वे अब आसानी से धान की रोपनी कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि यह बारिश धान की फसल के लिए राहत लेकर आई है और इससे निराश हो चुके किसानों को काफी फायदा मिलेगा. हालांकि सब्जी उत्पादक किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी है, ताकि अतिरिक्त पानी को खेत से बाहर निकाला जा सके और फसल को नुकसान से बचाया जा सके.
गालूडीह बराज के छह गेट खोले गए
लगातार हो रही बारिश के कारण स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. गालूडीह बराज डैम के 18 गेट में से छह गेट खोल दिए गए हैं, ताकि बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित किया जा सके. जानकारी के अनुसार, स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर बढ़कर फ्लड लेवल 92.4 तक पहुंच गया है. नदी में पानी बढ़ने से बराज के आसपास के इलाकों में भी लोगों की चिंता बढ़ गई है. जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है. लगातार बारिश के कारण नदी में पानी का प्रवाह बढ़ रहा है. ऐसे में बराज के और गेट खोले जाने की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है. स्थानीय लोगों से नदी और बराज के आसपास जाने में सावधानी बरतने की अपील की गई है. बारिश जारी रहने पर स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर और बढ़ने की संभावना को देखते हुए मछुआरों को भी सतर्क रहने की हिदायत दी गयी है.
