लगातार हो रही बारिश, कई इलाकों में जलजमाव और बढ़ती गंदगी का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है. दो दिनों की छुट्टी के बाद सोमवार को एमजीएम अस्पताल का ओपीडी खुला तो मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. अस्पताल के रजिस्ट्रेशन काउंटर से लेकर विभिन्न विभागों के ओपीडी तक मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं. सबसे ज्यादा मरीज वायरल फीवर, सर्दी-खांसी और पेट दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे.
बारिश के बाद अस्पताल में बढ़ी भीड़
शनिवार और रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को एमजीएम अस्पताल का ओपीडी खुलते ही मरीजों की भीड़ बढ़ गई. सुबह से ही रजिस्ट्रेशन काउंटर पर महिलाएं, पुरुष और बुजुर्ग अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अस्पताल प्रबंधन को होमगार्ड के जवानों की तैनाती करनी पड़ी.
जानकारी के अनुसार, सोमवार को एमजीएम अस्पताल के विभिन्न विभागों के ओपीडी में कुल 1,444 मरीज इलाज कराने पहुंचे, जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या लगभग 1,200 रहती है. वहीं, सदर अस्पताल में भी 300 से अधिक मरीजों का इलाज किया गया.
वायरल फीवर के मरीज सबसे ज्यादा, बच्चों की संख्या भी बढ़ी
एमजीएम अस्पताल के मेडिसिन विभाग में सबसे ज्यादा मरीज पहुंचे. यहां सामान्य दिनों में 180 से 190 मरीज इलाज कराने आते हैं, लेकिन सोमवार को यह संख्या बढ़कर 244 हो गई. इनमें वायरल फीवर के मरीजों की संख्या सबसे अधिक रही.
इसके अलावा, शिशु रोग विभाग में 182 बच्चों और चर्म रोग विभाग में 187 मरीजों का इलाज किया गया. डॉक्टरों का कहना है कि बारिश के मौसम में वायरल संक्रमण तेजी से फैलता है, जिससे अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ जाती है.
बारिश, जलजमाव और गंदगी से बढ़ रहा संक्रमण का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में पानी जमा हो गया है. जलजमाव और गंदगी की वजह से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है. यही कारण है कि अस्पतालों में वायरल फीवर, सर्दी-खांसी और पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है.
शिशु रोग विभाग के डॉ. राघवेंद्र ने बताया कि बरसात के मौसम में सबसे ज्यादा वायरल फीवर और सर्दी-खांसी के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं. उन्होंने लोगों से साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है.
