वरीय संवाददाता, जमशेदपुर
72 वर्ष पुराने गुलमोहर हाइस्कूल ने विद्यार्थियों को रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में एक नयी पहल शुरू की है. स्कूल ने ‘गुलमोहर स्टार्टअप स्टूडियो’ की शुरुआत की है, जिसके तहत अब हर शनिवार स्टार्टअप की विशेष कक्षा आयोजित होगी. इन कक्षाओं में बच्चों को किताबों से नहीं, बल्कि वास्तविक अनुभवों के आधार पर स्टार्टअप शुरू करने और उसे सफल बनाने की जानकारी दी जायेगी. इस पहल की सबसे खास बात यह है कि बच्चों को पढ़ाने वाले रिसोर्स पर्सन कोई बाहरी विशेषज्ञ नहीं, बल्कि स्कूल के ही पूर्ववर्ती विद्यार्थी (एलुमनाई) होंगे. देश-विदेश में विभिन्न क्षेत्रों में सफल पूर्व छात्र अपने अनुभव साझा करेंगे और बतायेंगे कि किसी स्टार्टअप की शुरुआत कैसे होती है, आइडिया को बिजनेस में कैसे बदला जाता है, निवेश कैसे जुटाया जाता है, ग्राहकों तक कैसे पहुंचा जाता है और चुनौतियों का सामना कैसे किया जाता है. स्कूल की प्रिंसिपल प्रीति सिन्हा ने बताया कि इस स्पेशल क्लास की तैयारी पिछले एक वर्ष से की जा रही थी. गुलमोहर हाई स्कूल के पास 72 वर्षों का मजबूत एलुमनाई नेटवर्क है और अब उसी अनुभव का लाभ वर्तमान विद्यार्थियों को मिलेगा. स्कूल का उद्देश्य बच्चों को सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उन्हें नवाचार, नेतृत्व, वित्तीय समझ, टीमवर्क और उद्यमिता की व्यावहारिक जानकारी देना है. शनिवार को उद्घाटन सत्र की शुरुआत प्रिंसिपल प्रीति सिन्हा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इस दौरान 2026 बैच के आशुतोष और 2024 बैच के वैभव कर्ण ने भी अपने अनुभव साझा किये.
जमशेदपुर के लोगों में यह भ्रांति है कि बिजनेस करने वाले अच्छे लोग नहीं होते : संतोष शर्मा
उद्घाटन सत्र में 1996 बैच के पूर्व छात्र एवं बुकमायजेट के संस्थापक एवं सीइओ संतोष शर्मा ने बच्चों को उद्यमिता के गुर सिखाये. उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि आम तौर पर जमशेदपुर के लोगों में यह भ्रांति है कि बिजनेस करने वाले अच्छे लोग नहीं होते हैं. लेकिन, यह 100 प्रतिशत गलत है. बिजनेस करने के लिए आज से अच्छा कोई दौर नहीं था. आज सरकार करोड़ों रुपये की मदद करने को तैयार है. जरूरत इस बात की है कि आपके आइडिया में कितना दम है, उसे धरातल पर उतारने के लिए कितनी अच्छी टीम है, आप अपने स्टार्टअप को सफल करने के लिए कितने जुनूनी हैं.
संतोष शर्मा के बोल
-नौकरी में जो आप करते हैं वह कंपनी की ग्रोथ के लिए, लेकिन बिजनेस में जो भी करते हैं वह अपने लिए.
- जमशेदपुर के बच्चे टैलेंटेड हैं, लेकिन यहां के बच्चे खुद को अकेला फील करते हैं. उन्हें गाइडेंस की कमी है.
- जमशेदपुर का और यहां के लोगों का पूरी दुनिया में कदर और नाम है. - बच्चे अधिक से अधिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें.
- जमशेदपुर के बच्चों में एक कमी है कि वे सवाल नहीं करते हैं, खूब सवाल करें, जिज्ञासा शांत करने के लिए पूछें. - ये सही समय है कोई भी स्टार्टअप शुरू करने का, देश में स्टार्टअप का इको सिस्टम बन रहा है.
- स्टार्टअप शुरू करने से पहले एक अच्छी टीम बनायें. जिसमें सबका जॉब रोल डिफाइन हो.
- लिंक्डइन प्रोफाइल जरूर बनाएं, इंस्टाग्राम पर समय बिताने के बजाय वहां समय बिताएं.
- जो लोग आपकी झूठी तारीफ करें, वे हमेशा आपको नुकसान पहुंचायेंगे
ना सिर्फ प्रैक्टिकल ज्ञान, अच्छे आइडिया को मुकाम भी मिलेगा : प्रिंसिपल
प्रिंसिपल प्रीति सिन्हा ने कहा कि स्टार्टअप स्टूडियो के तहत यदि किसी छात्र के मन में कोई नया आइडिया आता है, तो उसे केवल सोच तक सीमित नहीं रहने दिया जायेगा. उनके आइडिया को धरातल पर उतारने में उन्हें मदद की जायेगी. स्कूल ने पहले स्टार्टअप प्रोजेक्ट के रूप में हैंडक्राफ्टेड एवं सस्टेनेबल ज्वेलरी को चुना है. इसके माध्यम से विद्यार्थी उत्पाद तैयार करने से लेकर उसकी बिक्री तक की पूरी प्रक्रिया को स्वयं सीखेंगे.
