जमशेदपुर : जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में मंगलवार को खेल प्रतिभाओं का जबरदस्त संगम देखने को मिला. मौका था डीएवी राज्य स्तरीय एथलेटिक्स एवं स्क्वॉश प्रतियोगिता के आगाज का. डीएवी पब्लिक स्कूल एनआइटी कैंपस और डीएवी पब्लिक स्कूल बिष्टुपुर की मेजबानी में शुरू हुई दो दिवसीय प्रतियोगिता में झारखंड के 10 क्लस्टर और 64 डीएवी स्कूलों के सैकड़ों खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं. पहले दिन ट्रैक पर खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली. खासकर बालिका वर्ग की स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया.
400 मीटर में वंदना ने मारी बाजी, आकृति दूसरे स्थान पर
बालिका 400 मीटर दौड़ के फाइनल में सिमडेगा की वंदना कुमारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया और गोल्ड मेडल अपने नाम किया. कोडरमा की आकृति दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि पाकुड़ की मोनिका सोरेन ने तीसरा स्थान हासिल किया. अंडर-14 लॉन्ग जंप में सोनाक्षी अव्वल बालिका अंडर-14 लॉन्ग जंप में गुमला की सोनाक्षी भारती ने पहला स्थान हासिल किया. वैष्णवी तिवारी दूसरे और हजारीबाग की ज्योति कुमारी तीसरे स्थान पर रहीं.
अंडर-19 लॉन्ग जंप में प्रगति राज का जलवा
अंडर-19 बालिका लॉन्ग जंप में गोविंदपुर की प्रगति राज ने बाजी मारी. चाईबासा की राधिका राठौड़ दूसरे और बोकारो की अल्का कुमारी तीसरे स्थान पर रहीं. अंडर-17 बालिका 400 मीटर दौड़ में जामाडोबा की श्रेया राज ने पहला स्थान हासिल किया. गोड्डा की श्रेया कृति दूसरे और कोडरमा की उषा कुमारी तीसरे स्थान पर रहीं.
डीएवी गान और सांस्कृतिक प्रस्तुति से हुआ आगाज
प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ पारंपरिक तरीके से हुआ. कार्यक्रम की शुरुआत डीएवी गान, खेल ध्वजारोहण और स्वागत गान के साथ हुई. इसके बाद मनमोहक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुति ने माहौल को और जीवंत बना दिया. उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि एनआइटी जमशेदपुर के निदेशक डॉ. गौतम सूत्रधार, डीएवीसीएमसी नयी दिल्ली के सचिव रवींद्र तलवार और विभिन्न क्लस्टर के प्राचार्य मौजूद रहे.
खेल सिर्फ पदक जीतने का माध्यम नहीं
डीएवी बिष्टुपुर की प्राचार्या सह स्टेट स्पोर्ट्स को-ऑर्डिनेटर प्रज्ञा सिंह ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि खेल का महत्व सिर्फ पदक जीतने तक सीमित नहीं है. खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, धैर्य, टीम भावना और विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करने की क्षमता विकसित करते हैं. उन्होंने खिलाड़ियों को पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरने और खेल भावना बनाए रखने के लिए प्रेरित किया.
