जमशेदपुर: टाटा मोटर्स प्रबंधन और यूनियन ने कर्मचारियों के हित में एक बेहतरीन और सराहनीय पहल की है. कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को आखिरकार पूरा कर दिया गया है, जिसके तहत अब कंपनी परिसर में पाउडर दूध के बजाय फ्रेश (ताजे) दूध से बनी स्वादिष्ट चाय मिलना शुरू हो गई है. गुरुवार को बी शिफ्ट के टी-टाइम से इस नई व्यवस्था की शुरुआत हुई, जिससे कारखाने के कर्मियों में भारी उत्साह और खुशी का माहौल देखा गया.
एचआर हेड और यूनियन पदाधिकरियों ने किया शुभारंभ
कैंटीन में इस नई और स्वास्थ्यवर्धक व्यवस्था का विधिवत शुभारंभ कंपनी के एचआर हेड प्रणव कुमार, ईआर हेड सौमिक रॉय, टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष शशि भूषण प्रसाद और महामंत्री आरके सिंह की संयुक्त उपस्थिति में किया गया. इस दौरान सभी गणमान्य अधिकारियों ने कैंटीन का दौरा कर नई व्यवस्था का स्वागत किया.
स्वच्छता और गुणवत्ता का लिया गया जायजा
शुभारंभ के अवसर पर अधिकारियों ने कैंटीन परिसर में ताजे दूध के उचित रख-रखाव, साफ-सफाई और चाय बनाने की पूरी प्रक्रिया का बारीकी से जायजा लिया. इस दौरान कैंटून कर्मियों को निर्देश दिए गए कि चाय की गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए, ताकि कर्मियों को बेहतरीन स्वाद और सेहतमंद पेय मिल सके.
कर्मचारियों में दौड़ी खुशी की लहर
ताजे दूध की चाय मिलने की इस सौगात से टाटा मोटर्स के कर्मचारियों में गजब का उत्साह है. लंबे समय से चल रही इस मांग के पूरी होने पर कर्मियों ने प्रबंधन और यूनियन नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया है. इस नई पहल से अब काम के दौरान कर्मचारियों को रिफ्रेशमेंट के रूप में और अधिक बेहतर और गुणवत्तापूर्ण चाय का लाभ मिलेगा.
