वरीय संवाददाता, जमशेदपुर
भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले साकची गोलचक्कर के पास किसानों और छात्रों की मांगों को लेकर भूख हड़ताल आयोजित की गई. इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि नीट पेपर लीक के बाद कई छात्र-छात्राओं ने अपनी जान दे दी. जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता और किसानों की जायज मांगें पूरी नहीं होती, तब तक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रहेगा.
जंतर-मंतर घटना को लेकर सिख समाज का विरोध
कार्यक्रम का नेतृत्व सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एवं किसान नेता सरदार भगवान सिंह ने किया. शुरुआत दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि देने से हुई. इसके बाद गुरमीत सिंह गिल, अवतार सिंह सिद्धू, इंद्रपाल सिंह व हरभजन सिंह भूख हड़ताल पर बैठे. इन्होंने दौरान जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई की नैतिक जिम्मेदारी तय करने, मृत छात्रों के परिजनों को मुआवजा एवं सरकारी नौकरी, नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठायी.
किसानों की मांगों को लेकर उठी आवाज
इसके साथ ही स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप सभी फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी, किसानों और मजदूरों की ऋणमाफी, कृषि हितों को प्रभावित करने वाले व्यापारिक समझौतों की समीक्षा तथा मनरेगा में रोजगार के दिनों और मजदूरी बढ़ाने की मांग भी की गयी. अनशन का समापन सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार शैलेंद्र सिंह ने कराया. इस मौके पर सरदार सतवीर सिंह, सरदार दलजीत सिंह, सरदार प्रकाश सिंह, सरदार हरदयाल सिंह, मोहन कर्मकार, राजू गिरि, महावीर मुर्मू, लालटू महतो, मनोज कुमार यादव व अन्य उपस्थित थे.
