वरीय संवाददाता, जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में साइबर अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे सीधे जिले के मुखिया के नाम पर ही जालसाजी का खुला खेल खेल रहे हैं. डीसी राजीव रंजन की फर्जी फेसबुक आइडी बनाकर ठगी का प्रयास करने का मामला 16 जुलाई को सामने आया था. बावजूद इसके पुलिसिया सिस्टम इतना लाचार साबित हो रहा है कि भंडाफोड़ होने के बाद भी शुक्रवार की रात तक यह फर्जी प्रोफाइल धड़ल्ले से चालू थी और ठग बेखौफ होकर एक्टिव थे. इस बार इन बहादुर ठगों ने झारखंड मानवाधिकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश कुमार किनू को अपना निशाना बनाने का प्रयास किया. दिनेश कुमार ने बताया कि करीब एक महीने पहले एक अज्ञात नंबर से उन्हें कॉल आया था. जिसमें फोन करने वाले ने खुद को मुसाबनी में तैनात सीआरपीएफ जवान बताते हुए घर का कीमती फर्नीचर बेहद कम दाम में बेचने का झांसा दिया था. इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए शुक्रवार रात करीब 8:13 बजे डीसी की फर्जी आइडी से संदेश भेजकर उसी कथित जवान (सुमित) के ट्रांसफर और फर्नीचर खरीद-बिक्री की बात कही गयी. हालांकि दिनेश कुमार की सतर्कता के कारण यह ठगी का प्रयास नाकाम रहा. जब उन्होंने चैट पर ही कथित डीसी से आधिकारिक नंबर मांग लिया, तो ठग घबरा गया और चैट ब्लॉक कर दिया.
अधिकारी बदलते रहे, ठगों की 'दुकान' चलती रही
यह पहला मौका नहीं है जब जिले के आला अधिकारियों की सुरक्षा में इतनी बड़ी सेंध लगी हो. मालूम हो कि इससे पहले पूर्व डीसी अनन्य मित्तल की तीन बार और कर्ण सत्यार्थी की एक बार फर्जी आइडी बनाकर लोगों को चूना लगाने का प्रयास किया जा चुका है. बार-बार हो रही इस खुली जालसाजी के बाद भी पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं.
