Jamshedpur News : शिफ्टिंग के कारण एमजीएम अस्पताल में घट रही मरीजों की संख्या

Jamshedpur News : साकची स्थित एमजीएम अस्पताल को डिमना क्षेत्र में नवनिर्मित अस्पताल परिसर में स्थानांतरित किये जाने की प्रक्रिया का सीधा असर मरीजों की संख्या पर पड़ रहा है.

पहले प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज आते थे, अब 500 से 600 ही मरीज इलाज के लिए आ रहे

सदर अस्पताल पर बढ़ रहा बोझ

Jamshedpur News :

साकची स्थित एमजीएम अस्पताल को डिमना क्षेत्र में नवनिर्मित अस्पताल परिसर में स्थानांतरित किये जाने की प्रक्रिया का सीधा असर मरीजों की संख्या पर पड़ रहा है. शिफ्टिंग के चलते अस्पताल में प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है. जहां पहले औसतन एक हजार से अधिक मरीज प्रतिदिन इलाज के लिए पहुंचते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर 500 से 600 तक रह गयी है.

वर्तमान में पुराने एमजीएम अस्पताल में कुल 102 मरीज भर्ती हैं. सबसे अधिक 33 मरीज सर्जरी वार्ड में हैं, जबकि ऑर्थो विभाग में केवल 4 मरीज भर्ती हैं. 15 दिन पहले सर्जरी बिल्डिंग में सर्जरी, ऑर्थो, इएनटी और नेत्र विभाग को मिलाकर कुल 99 मरीज भर्ती थे, जो घटकर अब 64 रह गये हैं. वहीं मेडिसिन बिल्डिंग में पहले गायनिक, मेडिसिन और शिशु वार्ड मिलाकर 180 मरीज इलाजरत थे, जो अब घटकर 64 रह गये हैं. इनमें 26 मरीज मेडिसिन में और 25 गायनिक विभाग में भर्ती हैं.

सभी विभागों में गंभीर को छोड़, सामान्य मरीजों की भर्ती बंद

अस्पताल प्रबंधन ने गंभीर मरीजों को छोड़कर सामान्य मरीजों की भर्ती पर रोक लगा दी है. इएनटी, नेत्र, सर्जरी और ऑर्थो विभागों का ऑपरेशन थिएटर (ओटी) भी बंद कर दिया गया है. इन विभागों को नये अस्पताल परिसर में स्थानांतरित किया जा चुका है. हालांकि, वहां अभी भर्ती की सुविधा पूरी तरह चालू नहीं हो पायी है, जिसके कारण पुराने अस्पताल में भर्ती मरीजों का इलाज जारी है.

नेत्र, चर्म विभाग में मरीजों की संख्या शून्य

आई और चर्मरोग विभाग में अब मरीज नहीं हैं, जबकि इएनटी में एकमात्र मरीज भर्ती हैं. दूसरी ओर, बी ब्लॉक मेडिसिन बिल्डिंग की छत गिरने की घटना के बाद उसे पूरी तरह खाली कर दिया गया है. मेडिसिन, शिशु और गायनिक वार्डों को क्रमशः सर्जरी और पीजी बिल्डिंग में स्थानांतरित कर दिया गया है.

एमजीएम में भर्ती बंद होने से सदर अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी

एमजीएम में मरीजों की संख्या घटने का सीधा असर सदर अस्पताल पर दिख रहा है. जहां पहले प्रतिदिन 150-200 मरीज इलाज के लिए पहुंचते थे, अब यह संख्या बढ़कर 300-350 हो गयी है. खासकर प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं की संख्या ज्यादा बढ़ी है.

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Author: RAJESH SINGH

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