झारसुगुड़ा. जिलाधीश कुणाल मोतिराम चव्हाण की अध्यक्षता में शनिवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. इसमें जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) निधि से प्रस्तावित संस्थागत अवसंरचना परियोजनाओं की रूपरेखा, डिजाइन और क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा एवं समीक्षा की गयी. समीक्षा के दौरान इपीआइएल की टीम ने जिले में प्रस्तावित तीन प्रमुख छात्रावास परियोजनाओं के वास्तु डिजाइन और अनुमानित लागत का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया. प्रस्तावित परियोजनाओं के तहत झारसुगुड़ा सरकारी आइटीआइ परिसर में 11 करोड़ रुपये की लागत से 100 बिस्तरों वाला छात्रावास (छात्राओं के लिए) तथा 15.35 करोड़ रुपये की लागत से 200 बिस्तरों वाला छात्रावास (छात्रों के लिए) बनाया जायेगा.
इसके अलावा लखनपुर ब्लॉक के पंचगांव-बिजापाली स्थित महिमा कॉलेज परिसर में 12 करोड़ रुपये की लागत से 200 बिस्तरों वाला छात्रावास (छात्राओं के लिए) बनेगा. समीक्षा के बाद जिलाधीश कुणाल मोतिराम चव्हाण ने निर्माण एजेंसी को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये. इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वरंजन नायक, डीएमएफ के मुख्य कार्यपालक अधिकारी, निर्माण एजेंसी इंजीनियर्स प्रोजेक्ट्स इंडिया लिमिटेड (इपीआइएल) के वरिष्ठ प्रबंधक, वास्तुकार तथा डीएमएफ की वरिष्ठ टीम के सदस्य उपस्थित रहे.
