संताली भाषा और साहित्य के संरक्षण के लिए समर्पित संगठन "जुवान ओनोलिया" की सचिव सुमित्रा मुर्मू ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर एक नयी मांग रखी है. संगठन का आग्रह है कि भारत को देश में संताली भाषा में "सिञओत" नाम से भी आधिकारिक पहचान दी जाये.
PMO को भेजे पत्र में रखा प्रस्ताव
प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजे पत्र में सुमित्रा मुर्मू ने उल्लेख किया कि जिस प्रकार देश को भारतवर्ष, इंडिया और आर्यावर्त जैसे नामों से जाना जाता है, उसी तरह संताली भाषा में भारत को "सिञओत" के रूप में भी मान्यता और पुकारा जाना चाहिए.
संगठन के सदस्य श्याम सी टुडू ने बताया कि वर्तमान केंद्र सरकार ने हमेशा जनजातीय अधिकारों का सम्मान किया है. चाहे वह अलग झारखंड राज्य का गठन हो, संताली भाषा को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल करना हो या फिर संताल समाज से उपराज्यपाल, राज्यपाल और देश के राष्ट्रपति पद तक अवसर प्रदान करना हो. इसी विश्वास के आधार पर संगठन भविष्य में भी समाज हित में अपनी मांगें रखता रहेगा.
